देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश में अवैध मदरसों और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख साफ किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट ऐलान किया कि राज्य में बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने रुद्रपुर में माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले मौलवी के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की बात कही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है, जिसके तहत उत्तराखंड में मौजूद सभी मदरसों को नियमानुसार शासन से विधिवत मंजूरी लेनी होगी। यदि कोई भी मदरसा बिना मान्यता के चलता पाया जाता है या मंजूरी लेने से बचता है, तो उसके खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रदेश की शांति और सौहार्द का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में धमकी, अराजकता या शांति भंग करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। रुद्रपुर घटना का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि धमकी देकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले मौलवी के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जा रहे हैं और मामले में देशद्रोह की धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं।
सियासी मुद्दों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के चुनाव में देवभूमि की जनता ने इतिहास रचते हुए पुराने राजनीतिक मिथकों को तोड़ा था। ठीक उसी तरह जनता 2027 के चुनाव में भी हैट्रिक लगाते हुए 2022 के जनादेश और नतीजों को दोहराने का काम करेगी।
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में युवाओं को नौकरियां नहीं दी गईं और केवल भर्ती घोटाले सामने आए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है।

