देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भू-धंसाव और चट्टान खिसकने से जनजीवन और यातायात व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। वहीं चमोली जिले के थराली-देवाल स्टेट हाईवे पर भारी चट्टान गिरने से सड़क बंद हो गई है, जिससे पूरा इलाका अलग-थलग पड़ गया है।
मसूरी-देहरादून रोड पर भू-धंसाव की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। सड़क पर फैले मलबे को हटाने और मार्ग की अस्थाई मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। हालांकि, लगातार खिसक रही मिट्टी के कारण राहत और मलबा सफाई अभियान में कर्मचारियों को खासी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप सिंह शाही ने हालात का ब्योरा देते हुए बताया कि प्रभावित स्थल पर पहले से ही रोड कटिंग और हिल साइड कटिंग का कार्य प्रगति पर था। इसी बीच भू-धंसाव होने से मार्ग बाधित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पूरी टीम सड़क बहाल करने में जुटी है और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
मार्ग अचानक बंद होने से मसूरी और राजधानी देहरादून के बीच आवाजाही करने वाले स्थानीय निवासियों, दफ्तरी कर्मचारियों और पर्यटकों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क के दोनों तरफ कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी इस जाम में घंटों से फंसे पड़े हैं, जिससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है।
उधर चमोली जिले के थराली-देवाल मार्ग पर कोठी और नंदकेशरी के बीच पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। भारी-भरकम पत्थरों और मलबे के कारण यह महत्वपूर्ण राज्य राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क बंद होने से मार्ग के दोनों ओर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों समेत 50 से अधिक छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं।
थराली-देवाल मार्ग पर फंसे यात्रियों और बस सवारों को भोजन और पीने के पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बस चालकों का कहना है कि संबंधित विभाग की मशीनरी पहुंचने में हो रही देरी के कारण जाम की स्थिति और विकराल होती जा रही है। यात्री जल्द से जल्द रास्ता साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कार्यदायी संस्था को भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए जा चुके हैं। पहाड़ी से पत्थरों के रुक-रुक कर गिरने के कारण राहत कार्य बेहद सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मार्ग खुलने की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही मसूरी या थराली की ओर यात्रा का प्लान बनाएं।

