हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित एक भव्य संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं को सुना और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान सीएम धामी ने प्रदेश के व्यापारिक माहौल को सुगम बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए।
संवाद के दौरान व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या जैसे गंभीर मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, लीज नवीनीकरण और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार देने की मांग उठाई गई, जिस पर मुख्यमंत्री ने त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक हर व्यापारी उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। उन्होंने कोविड महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय किराना और रिटेल व्यापारियों ने जान जोखिम में डालकर राशन पहुंचाया। व्यापारी समाज देश का मजबूत स्तंभ और “ब्रांड इंडिया” के सच्चे राजदूत हैं।
व्यापार को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ मॉडल को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि निवेशकों की मदद के लिए “निवेश मित्र” प्रणाली बनाई गई है। वहीं सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं अब ऑनलाइन कर दी गई हैं, जिससे पारदर्शी माहौल तैयार हुआ है।

प्रदेश में औद्योगिक प्रगति का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के बाद बनी 30 से अधिक नई नीतियों का असर दिखने लगा है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों के माध्यम से राज्य के 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए ‘उत्तराखंड स्टार्टअप नीति’ लागू की गई है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय जनपदों में छोटे उद्योगों के लिए विशेष औद्योगिक पार्क बनाए जा रहे हैं, जबकि हरिद्वार, सेलाकुई और पंतनगर में फ्लैटेड फैक्ट्रियां विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” योजना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “मेड इन उत्तराखंड” को वैश्विक बाजार में गुणवत्ता का ब्रांड बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने व्यापारियों से आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।”
इस अवसर पर नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. और मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे समेत उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

