देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा स्थल पर शुद्धिकरण यज्ञ किए जाने का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून में भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए इस पूरे प्रकरण में जांच और दंडात्मक कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
गोदियाल ने कहा कि इस घटना पर भाजपा की चुप्पी और उनके प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा किया जा रहा बचाव पार्टी की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। यह पूरा मामला संविधान, सामाजिक समानता और दलित समाज के आत्मसम्मान से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्मरण कराया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद राज्यसभा में इस घटना को अपने व्यक्तिगत अपमान और छुआछूत की भावना से जोड़ा था। उस समय संसद में भाजपा नेता जे.पी. नड्डा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जांच कराने का भरोसा दिया था। गोदियाल ने सवाल खड़ा किया कि जे.पी. नड्डा के आश्वासन के बावजूद अब तक जांच कहां तक पहुंची और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा का इससे संबंध नहीं था, तो प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इसका बचाव क्यों कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयानों पर ऐतराज जताते हुए गोदियाल ने कहा कि महेंद्र भट्ट द्वारा रामलीला मैदान को दूषित बताकर शुद्धिकरण का तर्क देना मामले को और संगीन बनाता है। उन्होंने भाजपा से तीखा सवाल किया कि यदि यह महज एक सफाई अभियान था, तो धार्मिक अनुष्ठान के रूप में ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ क्यों आयोजित किया गया। भारतीय संविधान छुआछूत का पूरी तरह अंत करता है और सभी को समानता का अधिकार देता है। ऐसे में किसी प्रमुख दलित नेता के कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण की वकालत करना सीधे तौर पर संविधान का अपमान है।
इस विवाद के राष्ट्रीय स्तर पर उठने का जिक्र करते हुए गणेश गोदियाल ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से उठाया है। राहुल गांधी ने खड़गे के स्वाभिमान की रक्षा करते हुए देश के करोड़ों दलितों की आवाज बुलंद की है। उन्होंने इस हरकत को आधुनिक दौर में छुआछूत का प्रत्यक्ष रूप मानते हुए मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग रखी है।
अपनी बात का समापन करते हुए गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कानूनी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक स्थान पर ऐसा शुद्धिकरण यज्ञ करने वाले लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया जाए। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट कहना है कि दलितों के सम्मान और संविधान की रक्षा के लिए यह राजनीतिक व कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

