देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने राज्य के युवाओं को तेजी से फल-फूल रहे एडवेंचर टूरिज्म सेक्टर से जोड़ने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। विभाग युवाओं को स्कीइंग, ट्रैकिंग, गाइड, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देने जा रहा है।
पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को तकनीकी और वित्तीय मदद देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
इस नई योजना के तहत युवाओं को केवल टूरिज्म गाइड या ट्रेनर के रूप में ही तैयार नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें इस पूरे व्यवसाय का हिस्सा बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सहायता प्रदान करेगा। इसका मुख्य मकसद यह है कि युवा अपने गांव और घर पर रहकर ही खुद का कारोबार खड़ा कर सकें और अन्य स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें।
पर्यटन क्षेत्र में नया कारोबार शुरू करने वाले युवाओं को वित्तीय राहत देने के लिए विशेष सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। पर्यटन विभाग होम स्टे निर्माण के लिए वित्तीय सहायता तो दे ही रहा है, साथ ही अब साहसिक खेलों में इस्तेमाल होने वाले महंगे उपकरणों की खरीद पर भी वित्तीय सपोर्ट देगा। नई पर्यटन नीति में इस सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, ताकि युवाओं को उपकरण खरीदने में फंड की कमी का सामना न करना पड़े।
युवाओं को पेशेवर रूप से दक्ष बनाने के लिए पर्यटन विभाग कौशल विकास विभाग के साथ मिलकर काम करेगा। इसके अलावा विशेषज्ञ संस्थाओं और निजी कंपनियों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए पैराग्लाइडिंग क्षेत्र में युवाओं को हाई-टेक ट्रेनिंग देने के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं, ताकि अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग मिल सके।
उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में साहसिक पर्यटन की काफी मांग है। उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिलों में माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) के लिए हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। दूसरी तरफ टिहरी झील में वाटर स्पोर्ट्स व पैराग्लाइडिंग और नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए अपार संभावनाएं बन रही हैं।
इसी तरह, नदियों में एडवेंचर का आनंद लेने वालों के लिए ऋषिकेश, मोरी और चंपावत में राफ्टिंग का रोमांच युवाओं व पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पर्यटन विभाग इन्हीं प्रसिद्ध टूरिज्म हब्स पर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल के अनुसार, हर सेक्टर में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर उत्तराखंड के पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया जाएगा।

