चम्पावत। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चम्पावत जिले के रामलीला मैदान धूरा पहुंचे। यहां आयोजित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026’ में शिरकत करते हुए सीएम धामी ने चम्पावत के सर्वांगीण विकास के लिए ₹62.97 करोड़ की 50 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता और मातृशक्ति को संबोधित करते हुए क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि धूरा में नई पेयजल योजना, धूरा से सेतीचौड़ ब्याला तक संपर्क मार्ग और ग्राम पंचायत ककनई के तोक बूंगा दुर्गापीपल तक सड़क निर्माण का ऐलान किया।

क्षेत्र में शिक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज व प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी मार्ग और टाइल्स बिछाने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए धन और बस्तियागूंठ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा।
आपदा प्रबंधन और भूकटाव से सुरक्षा के लिए आमोड़ी, भलुवागाड़ी, डोलाकांडा, फुरकियाझाला, छतकोट, बेलखेत, खिरद्वारी, बुडम, झालाकुड़ी, नौलापानी और बस्तियागूंठ के मास्वाड तोक में वायरक्रेट कार्य किए जाएंगे। इससे रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि को बाढ़ के खतरे से सुरक्षा मिलेगी।

ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए लदिया नदी और बुडम के कठोल में झूला पुल बनाए जाएंगे। इसके अलावा दियूरी से चौड़ा सड़क का सुधारीकरण, सुखीढांग-डांडा-मीनार मार्ग पर हॉटमिक्स कार्य और डांडा ककनई में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने की स्वीकृति दी गई है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊंनी भाषा में संवाद कर स्थानीय मातृशक्ति का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी माताओं, बहनों, बेटियों और भांजियों के बीच अपने घर आए हैं। बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाकर उन्होंने पूरे प्रदेश को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सिर्फ ऊंचे हिमालय और प्राकृतिक सुंदरता से नहीं, बल्कि यहां की साहसी और आत्मनिर्भर महिलाओं से है। महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ उन्हें शिक्षित, स्वस्थ और सुरक्षित बनाकर सामाजिक निर्णयों में भागीदार बनाना है।
राज्य सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि ‘लखपति दीदी’ योजना से जुड़ने के बाद प्रदेश की बहनें अब आगे बढ़कर ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों की मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल के तहत इन स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रभावी विपणन नीतियां लागू कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब परिवार की एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार और गांव सशक्त होता है। समाज के मजबूत होने से ही एक समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण संभव है। इसीलिए राज्य सरकार की नीतियों के केंद्र में मातृशक्ति है।

समारोह के समापन पर सीएम धामी ने विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया। बाल विकास विभाग के स्टॉल में उन्होंने नन्हीं बच्चियों के साथ केक काटा और समाज को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामन्त, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, दायित्वधारी श्याम नारायण पांडेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, डीएम मनीष कुमार और एसपी रेखा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

