Uttarakhand: रक्षाबंधन पर महिलाओं को CM धामी ने दी मुफ्त यात्रा और पिंक ई-बस की सौगात

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की मातृशक्ति को कई बड़ी सौगातें दी हैं। शुक्रवार को चंपावत जिले के चकरपुर में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का बड़ा ऐलान किया।

इसके साथ ही राजधानी देहरादून में महिलाओं के लिए 10 पिंक ई-बसें चलाने और प्रमुख सार्वजनिक व पर्यटन स्थलों पर आधुनिक शौचालय बनाने की घोषणा की गई है। इस निर्णय से राज्य की बुजुर्ग महिलाओं, दैनिक यात्रियों और महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।

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कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मातृशक्ति की गरिमा और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और पर्यटन केंद्रों पर सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराकर महिलाओं के लिए अधिक सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा कि वह एक भाई और बेटे के रूप में अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने दोहराया कि जब तक उत्तराखंड की हर बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं बन जाती, तब तक सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर काम करती रहेगी।

सार्वजनिक परिवहन सेवा में विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है। अब महिलाओं के लिए यह आयु सीमा घटाकर 60 वर्ष कर दी गई है। इससे प्रदेश की हजारों बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की मुफ्त सुविधा मिल सकेगी।

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यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के तहत प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से 100 बसें देहरादून में चलेंगी। इनमें से 10 बसें विशेष रूप से ‘पिंक ई-बस’ के रूप में महिलाओं के लिए संचालित की जाएंगी। इस सेवा को जल्द ही राज्य के अन्य शहरों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

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महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने का प्रावधान भी किया गया है।

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