देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में संबंधित देशों में रोजगार की संभावनाओं और उत्तराखंड के युवाओं के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग अधिक है, वहां की जानकारी हासिल करने के लिए भारतीय मिशनों के साथ नियमित समन्वय रखा जाए। विदेशों की आवश्यकता के अनुसार राज्य के युवाओं को विशेष कौशल और भाषा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पर्यटन पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में होम स्टे के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को राज्य के होम स्टे मॉडल से परिचित कराने के लिए उनका भ्रमण कराया जाए। साथ ही फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस क्षेत्र की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल प्रदान कर उन्हें विदेशों में बेहतर रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों को विभिन्न देशों की मांग का आकलन करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने बताया कि जाम्बिया में शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की व्यापक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों से जुड़ा एक विस्तृत नोट जल्द ही राज्य सरकार को उपलब्ध कराया जाएगा।
जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी ने कहा कि जमैका में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जमैका में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की भारी मांग है, जहां राज्य के युवाओं को ट्रेनिंग देकर भेजा जा सकता है।
इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम ने बताया कि इथियोपिया में प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में काम करने के बड़े अवसर हैं। इसके अलावा वहां फार्मास्युटिकल और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री आवास में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और सचिव विनय शंकर पांडेय भी मौजूद रहे।

