देहरादून। राजधानी देहरादून को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने चौतरफा प्रहार की तैयारी की है। प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर एक साथ नजर रखने के लिए बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित हो चुकी है। अब देहरादून नगर निगम अपने सभी 100 वार्डों में क्षेत्रवार टीमें बनाएगा, जिसके बाद जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप से धरातल पर कार्रवाई करेंगी।
अभियान के दौरान प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और अधिक कचरा जनरेट करने वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जिला प्रशासन इस अभियान को दून नगर निगम के साथ-साथ जिले के अन्य निकायों में भी एक साथ चलाने की तैयारी कर रहा है।
सफल संचालन के लिए मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, उप नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त और मुख्य सफाई निरीक्षक समन्वय बनाएंगे। यह पूरी टीम अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत चालान की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
नगर निगम के 100 वार्डों से रोज करीब 500 मीट्रिक टन कूड़ा कारगी मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन के जरिए शीशमबाड़ा भेजा जाता है। इसमें 20 से 25 प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट होता है, जिसके निस्तारण पर हर महीने लाखों रुपये खर्च होते हैं।
प्लास्टिक पर रोक के साथ-साथ शहर की व्यवस्था सुधारने पर भी काम जारी है। डीएम के निर्देश पर अफसरों की टीम खराब स्ट्रीट लाइटों और सड़कों के खतरनाक गड्ढों की जानकारी नगर निगम को सौंप रही है ताकि समस्याओं का समाधान हो सके।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए टास्क फोर्स पूरी मुस्तैदी से काम करेगी और उल्लंघनकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।

