उत्तराखंड में सोलर उपभोक्ताओं को राहत, डिजिटल एग्रीमेंट को मान्यता

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड में छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा करने और बिजली विक्रेता बनने का सपना देख रहे आम उपभोक्ताओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब उपभोक्ताओं को पावर परचेस एग्रीमेंट और नेट-मीटिंग जैसी जटिल कागजी औपचारिकताओं के लिए उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल की याचिका पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए नेशनल पोर्टल पर स्वीकार किए जाने वाले डिजिटल अनुबंध को पूरी कानूनी मान्यता दे दी है। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने यह स्पष्ट व्यवस्था दी है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: 1234 मेगावाट बिजली खरीद करार को हरी झंडी, अडानी पावर और UPCL के बीच हुआ बड़ा समझौता

पीठ ने यह साफ किया है कि पीएम सूर्य घर नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा डिजिटल रूप से स्वीकार की जाने वाली शर्तें ही दोनों पक्षों के बीच बाध्यकारी पीपीए मानी जाएंगी। इस व्यवस्था के लागू होने से अब अलग से एग्रीमेंट कराने और बिजली उपखंड कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी हमेशा के लिए खत्म हो गई है।

इसके अलावा उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत देते हुए मीटर टेस्टिंग के अग्रिम शुल्क को भी समाप्त कर दिया गया है। योजना के तहत पहले सिंगल फेज कनेक्शन के लिए 200 रुपये और थ्री-फेज कनेक्शन के लिए 300 रुपये का मीटर टेस्टिंग शुल्क लिया जाता था। अब यह शुल्क आवेदन के समय नकद या अग्रिम रूप से नहीं वसूला जाएगा।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: व्यय वित्त समिति ने 5 बड़ी परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹700Cr+ का बजट

रूफटॉप सोलर सिस्टम के ग्रिड से जुड़ने और सुचारू रूप से शुरू होने के बाद यह मामूली राशि उपभोक्ता के सामान्य बिजली बिल में ही जोड़कर ली जाएगी। नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं और ऊर्जा निगम के बीच पूरी तरह पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था भी तय की है। यदि उपभोक्ता की ओर से ग्रिड को भेजी गई बिजली, उसके द्वारा उपयोग की गई बिजली से अधिक होगी, तो यूपीसीएल नियमानुसार अतिरिक्त बिजली का भुगतान और वित्तीय समायोजन करेगा।

घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की तरह ही समय से पहले बिल भुगतान करने पर सोलर उपभोक्ताओं को भी नियमानुसार अर्ली पेमेंट छूट का पूरा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, मौजूदा बिजली मीटर को चेक मीटर के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि ऊर्जा की सही रीडिंग और पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।

यह भी पढ़ें -  देहरादून-हल्द्वानी रूट पर बसों से 500 लीटर डीजल चोरी, वीडियो सामने आने के बाद दो चालक बर्खास्त

उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को लेकर आम नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 1,35,052 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से राज्य के 88,459 घरों की छतों पर 318.90 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित कर उन्हें चालू भी किया जा चुका है। नियामक आयोग के इन नए और सरल नियमों के लागू होने से राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने की रफ्तार और अधिक तेज होने की उम्मीद है।