उत्तराखंड रोडवेज वर्कशॉप में 274 पदों पर भर्ती, टेंडर प्रक्रिया शुरू

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम में नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रोडवेज वर्कशॉप में खाली पड़े 274 तकनीकी पदों को आउटसोर्सिंग के जरिए भरने की तैयारी शुरू कर दी गई है। देहरादून स्थित निगम मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने के लिए कार्यदायी एजेंसी के चयन की टेंडर प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।

उत्तराखंड रोडवेज वर्ष 2016 से भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा है, जिसके चलते स्थायी नियुक्तियों पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। लंबे समय से नई भर्तियां न होने के कारण वर्कशॉप का कामकाज ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। इस समस्या से निपटने के लिए रोडवेज प्रबंधन ने पहली बार आउटसोर्सिंग के माध्यम से तकनीकी स्टाफ की तैनाती का फैसला लिया है।

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विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रोडवेज वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों के कुल 619 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में महज 54 कर्मचारी ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्टाफ की इस भारी किल्लत के कारण बसों के रखरखाव और समय पर मरम्मत में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसी संकट को देखते हुए पहले चरण में 274 खाली पदों को भरने का निर्णय लिया गया है।

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आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से होने वाली इस भर्ती में विभिन्न तकनीकी संवर्गों के पद भरे जाएंगे। इसके तहत फीटर, मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, टायर निरीक्षक, स्टोर कीपर और पेंटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर योग्य युवाओं का चयन किया जाएगा। इन पदों पर चयनित होने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

रोडवेज के महाप्रबंधक भूपेश आनंद कुशवाहा ने भर्ती की पुष्टि करते हुए बताया कि निगम के इतिहास में यह पहला मौका है जब तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्सिंग के जरिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही एजेंसी का चयन कर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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रोडवेज वर्कशॉप में 274 नए तकनीशियनों के आने से राज्य भर में बसों के सुचारू संचालन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। तकनीकी कर्मियों की कमी से अक्सर बसें रास्ते में खराब हो जाती थीं या वर्कशॉप में खड़ी रहती थीं। अब इस भर्ती से बसों का मेंटेनेंस तेजी से होगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध बस सेवा मिल सकेगी।