देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, मुख्यमंत्री ने सीधे सवाल उठाते हुए पूछा कि रुद्रपुर में मौलाना के धमकी देने और हल्द्वानी में जेहादी नारे लगने के बावजूद राहुल गांधी आखिर चुप्पी क्यों साधे रहते हैं? इसके साथ ही उन्होंने तुष्टीकरण की राजनीति पर घेरते हुए पूछा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी क्यों बनाना चाहती थी?
युवा संवाद के मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी तरीके से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत युवाओं को दी जा रही सरकारी नौकरियों से कांग्रेस को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार तुष्टीकरण के एजेंडे पर काम कर रही है।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जनसभा स्थल के मंच के कथित शुद्धिकरण विवाद पर स्पष्टीकरण देते हुए सीएम ने कहा कि इस घटना से भारतीय जनता पार्टी का दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है और कांग्रेस के पास शुद्धिकरण का कोई ठोस सबूत तक मौजूद नहीं है।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के इतिहास पर प्रहार करते हुए सवाल किया कि हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान रामलीला के मंच से जेहाद संबंधी नारे आखिर क्यों लगाए गए थे? उन्होंने कहा कि अपने ही वरिष्ठ नेताओं का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने कांग्रेस से जवाब मांगते हुए पूछा कि तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी को क्या केवल इसलिए उनके पद से हटाया गया था क्योंकि वे दलित और गरीब वर्ग से आते थे? कांग्रेस को देश की जनता के सामने इस बात का जवाब देना चाहिए।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम पर बार-बार सवाल उठाने और सबूत मांगने का आरोप भी लगाया। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और भारतीय सेना के पराक्रम पर उंगली उठाने वालों को भारत का समाज और युवा कभी स्वीकार नहीं करेगा। सीएम ने कहा कि रुद्रपुर में मौलाना की धमकी जैसी गंभीर घटनाओं पर राहुल गांधी की चुप्पी कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करती है।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की युवा शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तराखंड का युवा अब सजग और जागरूक हो चुका है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि आने वाले चुनावों में प्रदेश के युवा अपनी कड़ी मेहनत, मेधा और राष्ट्रभक्ति के दम पर उत्तराखंड के विकास की एक नई और स्वर्णिम कहानी लिखने का काम करेंगे। इस अवसर पर भारी संख्या में क्षेत्र के युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

