देहरादून। हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली और असम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने मंगलवार को देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सचिवालय घेराव के लिए कूच किया। इस दौरान सचिवालय जाने वाले मार्ग पर भारी पुलिस बल की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग पर पुलिस और उग्र कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
विवाद की मुख्य वजह 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कुछ लोगों द्वारा मंच पर गंगाजल छिड़ककर किया गया तथाकथित शुद्धिकरण है। कांग्रेस पार्टी ने इस कृत्य को सीधे तौर पर दलित समुदाय और अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का अपमान करार दिया है।
इसके साथ ही, हाल ही में असम में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज पुलिस मुकदमे को लेकर भी कांग्रेसियों में भारी आक्रोश है। पार्टी का स्पष्ट आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजनाबद्ध तरीके से संवैधानिक अधिकारों और विपक्ष की बुलंद आवाज को दबाने में जुटी हुई हैं।
सचिवालय के मुख्य द्वार पर जारी धरने के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारें सामाजिक सौहार्द को छिन्न-भिन्न करने और गरीब व दलित समाज की भावनाओं को कुचलने का काम कर रही हैं। गोदियाल ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि दलित चेतना के प्रतीक मल्लिकार्जुन खरगे का यह अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़क से लेकर अदालत तक हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ने को तैयार है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले की गूंज देश की संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा तक में सुनाई दी थी। राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने स्पष्ट कहा था कि उनकी पार्टी ऐसे किसी भी कृत्य का समर्थन नहीं करती है, लेकिन इसके बावजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व द्वारा शुद्धिकरण की घटना को सही ठहराना यह साफ दर्शाता है कि इस समूचे अपमानजनक प्रकरण में प्रदेश की डबल इंजन सरकार की मौन सहमति और संलिप्तता है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जब तक हल्द्वानी में शुद्धिकरण का कृत्य करने वाले दोषियों के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज नहीं होता और राहुल गांधी पर दर्ज राजनीतिक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक कांग्रेस पार्टी शांत नहीं बैठेगी। आर्य ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक विरोध की नहीं, बल्कि संविधान, समानता और दलित समाज के मान-सम्मान को बचाने की राष्ट्रव्यापी लड़ाई है।
सचिवालय घेराव के चलते देहरादून के सुभाष रोड, कनक चौक और लैंसडाउन चौक सहित आसपास के कई प्रमुख क्षेत्रों में घंटों यातायात बाधित रहा। एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने सचिवालय के बाहर कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर रखी थी। पुलिस द्वारा सचिवालय की ओर बढ़ रहे मुख्य जुलूस को बैरिकेड्स लगाकर रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे बाजी करते हुए घंटों तक चक्का जाम रखा।

