ऋषिकेश। ऋषिकेश के एक होटल में नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के बेहद संगीन मामले में राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें त्वरित न्याय, समुचित उपचार और पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस जघन्य वारदात के बाद महिला आयोग की सक्रियता से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
घटना की जानकारी लेते हुए आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसपी देहात जया बलूनी और ऋषिकेश थाना प्रभारी यशपाल सिंह से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरार आरोपी को अविलंब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। आयोग ने साफ किया कि नाबालिगों के खिलाफ ऐसे अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
होटलों में सुरक्षा खामियों पर बड़ा कदम उठाते हुए आयोग अध्यक्ष ने डीजीपी दीपम सेठ को एक औपचारिक पत्र भेजा है। पत्र में मांग की गई है कि प्रदेश के सभी होटलों के लिए कम से कम तीन महीने का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखना अनिवार्य किया जाए, ताकि किसी भी आपराधिक घटना की जांच में पारदर्शिता बनी रहे।
महिला आयोग ने डीजीपी से यह भी कड़ा निर्देश जारी करने को कहा है कि वैध पहचान पत्र और आयु सत्यापन के बिना किसी भी नाबालिग को होटल में कमरा न दिया जाए। आयोग ने स्पष्ट मांग की है कि नियमों का उल्लंघन कर नाबालिगों को कमरा देने वाले होटल संचालकों और प्रबंधकों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य कठोर कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

