देहरादून। उत्तराखंड में बीते रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेपटरी हो गया है। प्रदेश भर में 120 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि कई मुख्य मार्गों पर मलबा आने से यातायात बार-बार ठप हो रहा है। मौसम का सबसे बड़ा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा, जहां जयपुर से देहरादून आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट खराब विजिबिलिटी के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकी। विमान को हवा में ही 6 चक्कर काटने पड़े, जिससे उसमें सवार 50 यात्रियों की सांसें अटक गईं।
लोक निर्माण विभाग के पोर्टल के मुताबिक रविवार दोपहर तक राज्य में बंद सड़कों का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया था। हालांकि, शाम तक विभागीय टीमों ने 60 सड़कों से मलबा हटाकर उन्हें खोल दिया, जिसके बाद बंद सड़कों की संख्या 120 रह गई। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में जेसीबी तैनात की गई हैं और बंद सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद नदियां और बरसाती गधेरे उफान पर हैं। अल्मोड़ा के सीमलखेत में शनिवार रात हुई अतिवृष्टि से स्थानीय नाला उफान पर आ गया। भारी मलबा और बड़े बोल्डर आने की वजह से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
उधर, जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। जयपुर से दून आ रही इंडिगो की 72 सीटर फ्लाइट सुबह अपने तय समय 8:15 बजे एयरपोर्ट के ऊपर पहुंच गई थी। लेकिन रनवे साफ न दिखने की वजह से पायलट को पहली कोशिश में लैंडिंग टालनी पड़ी।
विमान में 50 यात्री सवार थे। पायलट ने तुरंत विमान को मोड़ा और देहरादून, हरिद्वार तथा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के आसमान में करीब आधे घंटे तक 6 चक्कर लगाए। हवा में लगातार चक्कर काटने से यात्रियों के बीच हड़कंप और घबराहट का माहौल बन गया।
सुबह 8:45 बजे विजिबिलिटी में थोड़ा सुधार होते ही पायलट ने समझदारी दिखाते हुए विमान को जौलीग्रांट रनवे पर सुरक्षित लैंड कराया। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पर्वतीय इलाकों में यात्रा करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

