देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भूस्खलन, मलबे और भारी बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग, मसूरी-देहरादून हाईवे और कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किया है।
केदारघाटी में बीती रात हुई बारिश के बाद गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिर गए। मार्ग अवरुद्ध होने के तुरंत बाद सुरक्षा के लिहाज से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। फिलहाल प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन की टीमें रास्ते को साफ कर आवाजाही शुरू कराने के काम में जुटी हैं।
उधर, बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी से भारी मलबा और एक विशाल पेड़ सड़क पर आ गिरा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से राहत कार्य शुरू किया और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर यातायात बहाल कराया।
लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप सिंह शाही ने बताया कि पानीवाला बैंड और किलोमीटर-24 पर आए मलबे को हटा दिया गया है। हालांकि, सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने और बारिश के कारण कीचड़ व फिसलन बढ़ने से फिलहाल वाहनों की आवाजाही एक-एक लेन से बारी-बारी कराई जा रही है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में केवल बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
इसके अलावा चमोली जिले में कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मोटर मार्ग भी आईटीआई के पास पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से स्थानीय निवासियों और यात्रियों को सिमली-डिम्मर मोटर मार्ग से लंबा चक्कर लगाकर आवाजाही करनी पड़ रही है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

