उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पंजाब नेशनल बैंक की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आशंका है कि करेंसी चेस्ट में असली नोट निकालकर उनके स्थान पर जाली नोटों की गड्डियां रख दी गईं। इस बड़े फर्जीवाड़े में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर बैंक प्रबंधन ने तीन वरिष्ठ बैंक अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि करेंसी चेस्ट में गड्डियां व्यवस्थित करने वाले पार्ट टाइम हाउस कीपर को सेवा से हटा दिया गया है।
मामले में निलंबित किए गए बैंक अधिकारियों में मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और करेंसी चेस्ट खेरा बाजार जगाधरी के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं। पीएनबी के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की तहरीर पर कोतवाली सदर बाजार में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच में संलिप्तता मिलने पर बैंक प्रबंधन ने निलंबन की कार्रवाई की है, जबकि पार्ट टाइम हाउस कीपर को भी तुरंत हटा दिया गया है।
घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। मामले की गहराई से पड़ताल के लिए विशेष जांच दल का गठन कर दिया गया है, साथ ही बैंक मुख्यालय की विशेष टीम भी अलग से जांच कर रही है। सोमवार को डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम अरविंद कुमार चौहान और एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले और मौके का निरीक्षण किया।
इस फर्जीवाड़े के तार पड़ोसी राज्यों से जुड़ते दिख रहे हैं। नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें हरियाणा, उत्तराखंड और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में सामने आया है कि दो नामजद बैंक प्रबंधक हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस सिंडिकेट में शामिल कई अन्य लोगों के नाम भी उजागर हो सकते हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि जांच के लिए विशेष टीम बना दी गई है और इसमें कई और नाम सामने आ सकते हैं। इतने बड़े पैमाने पर जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, जाली नोटों के इस बड़े नेटवर्क की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसियां (NIA) भी जल्द जिले में डेरा डाल सकती हैं।

