उत्तराखंड में दोहरी आफत: दून में स्वाइन फ्लू का आंकड़ा 100 पार, डेंगू के मरीज भी 114 पहुंचे

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। सोमवार को जिले में स्वाइन फ्लू के 24 नए मरीज मिलने से हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा के अनुसार नए मरीजों में 16 देहरादून और 8 बाहरी जिलों के रहने वाले हैं। इस नए उछाल के साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 105 हो गए हैं, जबकि अस्पतालों में 36 मरीजों का इलाज चल रहा है।

स्वाइन फ्लू से हुई मौतों के मामले में स्वास्थ्य विभाग की डेथ ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट में दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। जांच के अनुसार पौड़ी निवासी 59 वर्षीय व्यक्ति और देहरादून की 52 वर्षीय महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है, जो अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे। वहीं श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में दर्ज हुई कुल छह मौतों में से चार की वजह अन्य बीमारियां पाई गईं।

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जिले में स्वाइन फ्लू के साथ-साथ डेंगू का खतरा भी मंडरा रहा है। सोमवार को जांच में डेंगू के 2 नए मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे संक्रमितों का कुल आंकड़ा 114 पहुंच गया है। इनमें से 55 मरीज देहरादून के स्थानीय निवासी हैं और 59 मरीज अन्य जिलों के रहने वाले हैं।

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बरसात के कारण दून अस्पताल में मरीजों का भारी हुजूम उमड़ रहा है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में 3100 से अधिक मरीज पहुंचे, जिससे पंजीकरण, लैब, दवा और डॉक्टरों के काउंटरों पर लंबी लाइनें लग गईं। मरीजों की बढ़ती भीड़ पर एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए जा रहे हैं।

अस्पताल में संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए दून अस्पताल परिसर के बाहर कंटेनर में अलग से ‘फ्लू ओपीडी’ शुरू की गई है। पंजीकरण प्रभारी विनोद नैनवाल को इस विशेष ओपीडी के परामर्श, जांच और रिपोर्टिंग का समन्वयक बनाया गया है ताकि सामान्य और फ्लू के मरीजों को अलग रखा जा सके।

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मामलों की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दो स्तरीय डेथ ऑडिट प्रणाली लागू की है। सीएमओ ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और एम्स ऋषिकेश को तीन दिन के भीतर ऑडिट कमेटियां बनाने का निर्देश दिया है। मरीज की मौत के तीन दिन के भीतर अस्पताल या ब्लॉक स्तर पर पहली समीक्षा होगी, जिसके बाद जिला स्तरीय कमेटी दोबारा जांच करेगी। सभी मौतों का डेटा ‘आईडीएसपी’ के तहत IHIP पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

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