देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब विभाग में अलग-अलग कार्यों के लिए सप्ताह के अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं।सूत्र बताते है कि इसके लिए बाकायदा आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय निर्धारित बैठकों के माध्यम से ही लिए जाएंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक सोमवार को शाम 4 बजे चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद, लंबित प्रस्तावों और अन्य तकनीकी विषयों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
हाल के वर्षों में उपकरण खरीद को लेकर उठे विवादों और शिकायतों के बाद इस व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी प्रकार प्रत्येक मंगलवार को सुबह 11 बजे निर्माण कार्यों से संबंधित बैठक आयोजित होगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चल रहे अस्पताल भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
लंबित कार्यों को गति देने और नई परियोजनाओं पर समयबद्ध निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। वहीं प्रत्येक शुक्रवार को शाम 4 बजे तबादलों से जुड़े मामलों की समीक्षा होगी। इस बैठक में स्थानांतरण प्रस्तावों, लंबित प्रकरणों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे। यानी अब तबादलों से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर भी तय प्रक्रिया और निर्धारित बैठक के बाद ही अंतिम फैसला होगा।’
स्वास्थ्य विभाग की इस नई कार्यप्रणाली से निदेशालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि अब विभागीय निर्णय पूर्व निर्धारित कैलेंडर के अनुसार लिए जाएंगे। इससे अनावश्यक जल्दबाजी, असमंजस और बार-बार बैठकों की आवश्यकता भी कम होने की उम्मीद है।
विभागीय जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था से फाइलों के निस्तारण में पारदर्शिता आएगी और हर विषय पर संबंधित अधिकारियों के साथ सामूहिक चर्चा के बाद निर्णय लिए जाएंगे। खासकर उपकरण खरीद और तबादलों जैसे संवेदनशील मामलों में यह व्यवस्था जवाबदेही बढ़ाने का काम कर सकती है।

