उत्तराखंड में GST कलेक्शन में 16% का उछाल: अगस्त में मिला 920 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड में वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण में लगातार सुधार हो रहा है और इस साल अगस्त माह में पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन ने बताया कि सख्त निगरानी और डेटा एनालिसिस के चलते वित्तीय वर्ष 2026-27 के अगस्त महीने में राज्य को 920 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त महीने में राज्य सरकार को जीएसटी से 780 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, जिसके मुकाबले इस बार 920 करोड़ रुपये संग्रहित हुए हैं। बीते वर्ष के सापेक्ष यह सीधा 16 फीसदी अधिक है। हालांकि, जीएसटी काउंसिल द्वारा कई वस्तुओं के टैक्स स्लैब में किए गए बदलावों के कारण अगस्त में आईजीएसटी संग्रह में थोड़ी कमी दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: ग्लोबल वार्मिंग से संकट में राज्यपक्षी मोनाल, ऊंचे हिमालय की ओर पलायन को मजबूर

आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त माह में उत्तराखंड से 340 करोड़ रुपये का आईजीएसटी मिला था, जो टैक्स दरों में संशोधन के कारण इस बार घटा है। इसके बावजूद कुल जीएसटी कलेक्शन में 16 प्रतिशत की समग्र वृद्धि को राज्य कर विभाग अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहा है।

प्रदेश में जीएसटी के तहत पंजीकृत व्यापारियों और फर्मों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो अब बढ़कर 2.15 लाख के पार पहुंच गई है। यद्यपि जीएसटी लागू होने से शुरुआती दौर में राज्य सरकार को राजस्व का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था, लेकिन अब टैक्स चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाकर राजस्व में निरंतर सुधार किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: 'पंजाबी गौरव सम्मेलन' में पहुंचे CM धामी, बोले- 'सिख परंपरा 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का जीवंत प्रतीक'

उत्तराखंड सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जीएसटी से कुल 12,200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग द्वारा जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल और कारोबार के वास्तविक डेटा का गहन विश्लेषण कर टैक्स चोरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

विभागीय पड़ताल में यह खुलासा भी हुआ है कि कई कारोबारी टैक्स चोरी की नीयत से फर्जी तरीके से जीएसटी में पंजीकरण करा रहे हैं। मौके पर बिना किसी वास्तविक कारोबार के सिर्फ कागजों पर चल रही ऐसी कई फर्जी फर्मों को जांच में चिह्नित किया गया है।

यह भी पढ़ें -  मामला पुराना तो फिर इस्तीफे की जल्दबाजी क्यों?.. हरीश रावत प्रकरण में 'घिरी कांग्रेस'

विभाग के मुताबिक, कई व्यापारी इन फर्जी फर्मों से माल की फर्जी खरीद दिखाकर अनुचित रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहे हैं और सरकार को चपत लगा रहे हैं। ऐसी फर्जी फर्मों और उनके माध्यम से टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों पर राज्य कर विभाग अब पैनी नजर रख रहा है।

राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन ने कहा कि प्रदेश में जीएसटी संग्रहण की स्थिति काफी संतोषजनक है और 16 प्रतिशत की वृद्धि विभाग की सटीक रणनीति का नतीजा है। उन्होंने दोहराया कि टैक्स चोरी में लिप्त लोगों के खिलाफ लगातार दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है और बकाए की वसूली मुस्तैदी से जारी रहेगी।