मसूरी में सड़कों की बदहाली: बारिश के बाद गहरे गड्ढों में तब्दील हुए रास्ते, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

ख़बर शेयर करें

देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी में हालिया बारिश के बाद सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका प्रशासन की सुस्ती के चलते सड़कों की सुध न लिए जाने से वाहनों के हिचकोले खाने और हादसों का जोखिम लगातार बढ़ रहा है।

मसूरी के मुख्य मार्गों पर बने गहरे गड्ढे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए हर पल दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। बारिश के पानी से लबालब भरे इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना वाहन चालकों के लिए नामुमकिन साबित हो रहा है, जिससे दोपहिया वाहनों के फिसलने की घटनाएं बढ़ गई हैं।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand: ट्रैफिक जाम से मुक्ति पाने के लिए 4 साल में बिछा पार्किंग नेटवर्क, बनीं 63 पार्किंग

सड़कों की सबसे ज्यादा दयनीय हालत मैसैनिक लॉज बस अड्डे से किंग्रेग के बीच देखने को मिल रही है, जहाँ सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और करीब एक फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा मसूरी-दून मार्ग और प्रसिद्ध मालरोड पर भी कई जगह डामर उखड़ने से मार्ग क्षतिग्रस्त पाया गया है।

शहर का बेहद व्यस्त इलाका तिलक रोड भी पूरी तरह बदहाल है। इस सड़क के किनारे कई प्रमुख होटल स्थित हैं, जहाँ दिनभर सैलानियों और स्कूली बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं लंढौर मार्ग, किंग्रेग मार्ग और हाथी पांव मार्ग भी गड्ढों के कारण खतरनाक हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें -  हरिद्वार कुंभ 2027: मुख्य सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा, दिए समय पर काम पूरा करने के निर्देश

स्थानीय निवासी भरत सिंह पंवार, संजय नेगी और जगजीत कुकरेजा का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण अब पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी हर बार बारिश का बहाना बनाकर मरम्मत का काम टाल देते हैं, जबकि ये गड्ढे रोजाना नए हादसों को न्योता दे रहे हैं।

सड़कों की इस खराब स्थिति और प्रशासनिक ढिलाई की वजह से विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। देश-दुनिया से आ रहे पर्यटकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: 'पंजाबी गौरव सम्मेलन' में पहुंचे CM धामी, बोले- 'सिख परंपरा 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का जीवंत प्रतीक'

मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि बारिश के कारण पालिका क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बारिश के पूरी तरह थमते ही मरम्मत कार्य पूरा कराया जाएगा।

दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर से मसूरी सहित सभी क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण का काम बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया जाएगा, जिससे आम जनता और पर्यटकों को जल्द राहत मिल सके।