उत्तराखंड: आपदा प्रभावित सरकारी स्कूलों के लिए ₹30 करोड़ जारी, बनेंगे नए भवन और सुरक्षा दीवारें

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देहरादून। राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुए सरकारी विद्यालयों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने आपदा मोचन निधि से ₹30 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। इस बजट का उपयोग प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के भवनों, सुरक्षा दीवारों, खेल के मैदानों तथा शौचालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि आपदा से प्रभावित स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए ₹15-15 करोड़ की अलग-अलग राशि स्वीकृत की गई है। इस फैसले से दुर्गम और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पढ़ रहे हजारों विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर विद्यालयी माहौल मिल सकेगा।

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विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। महानिदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि आवंटित बजट को त्वरित गति से व्यय किया जाए और मार्च 2027 तक अनिवार्य रूप से उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कराया जाए।

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आपदा मोचन निधि के अंतर्गत प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों पर पर्वतीय जिलों—चमोली, पिथौरागढ़, चम्पावत, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा को ₹1.25-1.25 करोड़ का बजट दिया गया है। वहीं मैदानी और अन्य जिलों—हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर तथा ऊधमसिंह नगर के लिए ₹1.1-1.1 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है।

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राज्य सरकार के इस कदम से प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर चुके सीमांत और पर्वतीय इलाकों के स्कूलों का ढांचा मजबूत होगा। समय पर बजट जारी होने से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और छात्रों को जल्द ही सुरक्षित कक्षाएं और खेल के मैदान उपलब्ध हो सकेंगे। सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने की सख्त ताकीद की गई है।