देहरादून। उत्तराखंड में बिजली बिलों का सिस्टम पूरी तरह बेपटरी हो गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ वीआईपी भी भारी बिलिंग गड़बड़ियों से परेशान हैं। देहरादून से लेकर कुमाऊं तक बिलों में आ रही गड़बड़ियों के बीच नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता को शिकायती पत्र भेजकर बिलिंग व्यवस्था की पोल खोल दी है।
सांसद अजय भट्ट के घर में सोलर प्लांट लगा होने के बावजूद उनका बिजली का बिल कम होने के बजाय अचानक बढ़ गया है। सांसद ने पत्र में नाराजगी जताते हुए कहा कि सोलर प्लांट से खपत कम होनी चाहिए थी, लेकिन बिल ज्यादा आ रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी समय पर मीटर रीडिंग करने नहीं आ रहे हैं।
राज्य में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं को राहत मिलने के बजाय मनमाने बिल थमाए जा रहे हैं। नकरौंदा निवासी गोविंद सिंह का बिल 1500 रुपये आता था, जो सोलर प्लांट लगाने के बाद बढ़कर 8000 रुपये हो गया। जांच में स्मार्ट मीटर में गलत रीडिंग दर्ज होना पाया गया, जिसके बाद उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
रुड़की के रमेश जोशी का बिल स्मार्ट मीटर लगते ही 2500 रुपये से बढ़कर 11 हजार रुपये के पार पहुंच गया। वहीं नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर का बिना रीडिंग लिए ही 20 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। चंपावत के विपिन जोशी का बिल भी 600-700 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये तक आ रहा है।
ऊधमसिंह नगर की उपभोक्ता दीया उप्रेती का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिना जानकारी दिए एक्स्ट्रा टैक्स जोड़े जा रहे हैं, जिससे बिल दोगुना हो गया है। पिथोरागढ़ के जौहर खान ने शिकायत की है कि अब उन्हें बिजली बिल का मैसेज तक नहीं मिलता। बागेश्वर के ग्रामीण इलाकों में एक बल्ब जलाने वालों को भी हजारों के बिल मिल रहे हैं।
राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में समय पर बिल न आने के कारण उपभोक्ताओं पर कई महीनों का बिल एक साथ चुकाने का भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बिलों में हो रही इस मनमानी और सांसद की शिकायत के बाद बिजली महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीसीएल के एमडी पीसी ध्यानी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि बिलिंग सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। एमडी ने स्पष्ट किया कि बिलिंग में लापरवाही बरतने पर डिवीजन से लेकर सब-डिवीजन स्तर तक के अफसरों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।

