Dehradun: सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य, रेफरल पर कड़ाई

ख़बर शेयर करें

देहरादून। देहरादून जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के समन्वय से ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ कराना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही जिन अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ और स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट उपलब्ध हैं, वहां प्रसव के मामलों में मरीजों को बिना वजह दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने विकास भवन सभागार में आयोजित चिकित्सा प्रबंधन समितियों की तिमाही समीक्षा बैठक में यह सख्त निर्देश जारी किए।

यह भी पढ़ें -  UTU पेपर लीक: दो परीक्षाएं रद्द; दोषी प्रोफेसर पर 7 साल का प्रतिबंध

बुधवार को सीडीओ अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित त्रैमासिक बैठक में उप जिला चिकित्सालय मसूरी, ऋषिकेश, विकासनगर, प्रेमनगर और राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान सेलाकुई की प्रबंधन समितियां शामिल हुईं। बैठक में अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और गत वित्तीय वर्ष के आय-व्यय के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन किया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बैठक में विभिन्न अस्पतालों के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक के बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश के लिए सर्वाधिक 5.52 करोड़ रुपये, मसूरी उप जिला चिकित्सालय के लिए 1.78 करोड़ रुपये, विकासनगर के लिए 1.76 करोड़ रुपये और प्रेमनगर उप जिला चिकित्सालय के लिए 1.40 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand: CM धामी ने पुस्तक 'सेवा विधि' का किया विमोचन, अफसरों को दी सीख

स्वीकृत बजट राशि से अस्पतालों में एम्बुलेंस, सुरक्षा गार्ड, फायर सेफ्टी सिस्टम, आईसीयू के लिए जनरेटर, ऑक्सीजन प्लांट की सर्विसिंग, एसी व्यवस्था, मेडिकल गैस पाइपलाइन, सीटी स्कैन ऑपरेटर, ब्लड बैंक काउंसलर, रोगी वाहन और उपकरणों का रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। सीडीओ ने प्रेमनगर अस्पताल में एम्बुलेंस की मांग को देखते हुए तत्काल नया प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand: सोलर प्लांट लगाते ही बढ़ा सांसद का बिजली बिल, UPCL को लिखा पत्र

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से अस्पतालों में वार्ड बॉय, कंप्यूटर सहायक और अन्य जरूरी कर्मचारियों की जल्द तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए और सभी पात्र मरीजों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ का लाभ शत-प्रतिशत उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad