उत्तराखंड को केंद्र की बड़ी सौगात; 35 करोड़ से सुधरेगी पानी की व्यवस्था, इन जिलों को मिला बजट

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देहरादून। उत्तराखंड में पेयजल संकट को खत्म करने और जलापूर्ति तंत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 35 करोड़ रुपये की विशेष सहायता जारी की है। शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इस बजट का इस्तेमाल प्रदेशभर में पेयजल लाइनों की मरम्मत, नए नलकूप बनाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और वंचित इलाकों तक पानी पहुंचाने में किया जाएगा।

इस बजट में से जल संस्थान को 17.15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे देहरादून के कैंट, बंगाली कोठी, कमला पैलेस, जीएमएस रोड और राजपुर रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, ओवरहेड टैंक और क्षतिग्रस्त लाइनों को बदलने का काम होगा। वहीं, पौड़ी के चिनवाड़ी डांडा में 53 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और चंपावत, पिथौरागढ़ व सेवला कलां की योजनाओं को दुरुस्त किया जाएगा।

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पेयजल निगम को कुल 14.84 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। इससे हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र में सीवेज के काम पूरे किए जाएंगे। इसके साथ ही देहरादून की एकता विहार व किरसाली योजना, चंपावत की तामली पंपिंग योजना और चमोली जिले की गोपेश्वर स्थित मायापुर पेयजल योजना को गति मिलेगी।

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पर्वतीय क्षेत्रों में जलापूर्ति को बेहतर बनाने के लिए रुद्रप्रयाग की अगस्तमुनि व ऊखीमठ पेयजल योजना और चमोली की पीपलकोटी नगर पंचायत पंपिंग योजना के लिए भी बजट जारी हुआ है। सरकार का मकसद दूरस्थ इलाकों में पानी की किल्लत को हमेशा के लिए समाप्त करना है।

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पानी की बर्बादी रोकने और आपूर्ति की पारदर्शी मॉनिटरिंग के लिए हरिद्वार जिले में 4.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस बजट से बहादराबाद, रुड़की, भगवानपुर, लक्सर, नारसन, खानपुर और हरिद्वार शहर की योजनाओं की निगरानी के लिए आधुनिक ऑटोमैटिक ‘स्काडा’ (SCADA) सिस्टम लगाया जाएगा।