देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम’ में राज्य के युवाओं के लिए कई बड़े ऐतिहासिक ऐलानों की झड़ी लगा दी है। सीएम धामी ने स्पष्ट घोषणा की है कि चार वर्ष की देश सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले सभी अग्निवीरों को शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार एक ‘विशेष सेल’ का गठन करने जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस विशेष रोजगार सेल का संचालन भी पूरी तरह से पूर्व अग्निवीरों के हाथों में ही सौंपा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं के हितों और उनकी कार्यक्षमता का बेहतर ढंग से उपयोग हो सके और उन्हें रोजगार तलाशने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वरोजगार के लिए विशेष अनुदान और 10% आरक्षण
सीएम धामी ने कहा कि जो अग्निवीर सेवा के बाद अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें होमस्टे योजना के तहत विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, यदि कोई अग्निवीर किसी अन्य क्षेत्र में अपना स्टार्टअप या स्वरोजगार स्थापित करना चाहता है, तो उत्तराखंड सरकार उसे अलग से विशेष वित्तीय अनुदान भी उपलब्ध कराएगी।

अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के योग्य बनाने के लिए निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण भी देगी। उन्होंने याद दिलाया कि धामी सरकार पहले ही राज्य की ‘समूह ग’ की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की मंजूरी दे चुकी है।

यह प्रस्तावित विशेष सेल सैनिक कल्याण विभाग की तर्ज पर काम करेगा। इसका मुख्य जिम्मा पूर्व अग्निवीरों को केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी व रोजगारपरक योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अग्निवीरों का पहला बैच आगामी सितंबर से जनवरी के बीच अपनी चार साल की सेवा पूरी कर वापस लौटेगा, जिससे पहले सरकार ने यह पूरी तैयारी कर ली है।
शहीद परिवारों की सहायता राशि में 5 गुना बढ़ोतरी
संवाद कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों के परिवारों के लिए भी एक बेहद संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया। सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से सीधे पांच गुना बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है।
इसके साथ ही, शहीदों के आश्रितों को संबल देने के लिए सरकारी नौकरियों में आवेदन करने की समय-सीमा में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रभावित परिवारों के आश्रित सदस्य शहादत के बाद दो वर्ष के बजाय पांच वर्ष के भीतर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे उन्हें विषम परिस्थितियों में संभलने का पर्याप्त समय मिल सके।

मुख्यमंत्री ने पारदर्शी व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य के भीतर बिना किसी पर्ची और बिना किसी खर्ची के पूरी ईमानदारी के साथ 34 हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं और युवाओं का यह भरोसा आगे भी कायम रहेगा।
₹30 करोड़ की लागत से हर्रावाला रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समर्पित
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़ी एक और बड़ी जानकारी साझा की। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरी तरह पुनर्विकसित किए गए उत्तराखंड के ‘हर्रावाला रेलवे स्टेशन’ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर से वर्चुअल माध्यम से भव्य उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया है।

देशभर के 75 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आधुनिकरण के साथ-साथ उत्तराखंड के हर्रावाला स्टेशन का भी कायाकल्प किया गया है। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित हुआ हर्रावाला रेलवे स्टेशन अब विश्वस्तरीय और आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस हो चुका है, जो विकसित भारत की नई पहचान को दर्शाता है।

