देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून की तैयारियों, चारधाम यात्रा और डेंगू के बढ़ते प्रकोप पर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा के मामले में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सीधे आदेश दिए हैं कि वे केवल वातानुकूलित कमरों और बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि “ग्राउंड जीरो” पर जाकर स्थिति का जायजा लें।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को 24 घंटे ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने मानसून काल में पुलों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया और तत्काल उनका ‘सुरक्षा ऑडिट’ कराने के निर्देश दिए। यदि कहीं भी पुलों की स्थिति कमजोर मिलती है, तो वहां त्वरित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है।
चारधाम यात्रा को लेकर सीएम धामी का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवाजाही और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह हैं। “ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण करना अब अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए,” उन्होंने यह संदेश देकर स्पष्ट कर दिया है कि सरकार अब ‘फील्ड रिपोर्टिंग’ और ‘एक्शन’ पर केंद्रित है।

