बदरीनाथ चढ़ावा चोरी कांड: 15 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, सबूत के नाम पर मिला सिर्फ शालिग्राम

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गोपेश्वर। बदरीनाथ मंदिर के दान-चढ़ावे में हुई भारी हेराफेरी के मामले में पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वारदात के 15 दिन बीत जाने के बाद भी जांच टीम को आरोपी निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के पास से कोई ठोस रिकवरी नहीं हुई है। पुलिस के हाथ अब तक केवल एक शालिग्राम का पत्थर लगा है, जबकि चोरी गई भारी नकदी, सोने-चांदी के सिक्के और कीमती भेंट सामग्री का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा मंदिर समिति की लापरवाही को लेकर हुआ है। आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ धाम में मंदिर समिति के जिस गेस्ट हाउस के कमरे में रहता था, पुलिस केस दर्ज होने के बाद भी समिति ने उस कमरे को सील नहीं किया। सबूत तलाशने के बजाय उस कमरे को सीधे श्रद्धालुओं को किराए पर दे दिया गया, जिससे केस से जुड़े अहम सबूत पूरी तरह नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है।

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इसके साथ ही, मंदिर समिति द्वारा एफआईआर दर्ज कराने में की गई 6 दिनों की रहस्यमयी देरी भी जांच के घेरे में है। चढ़ावा चोरी का मामला जहां 2 जुलाई को ही सामने आ गया था, वहीं बदरीनाथ थाने में एफआईआर 8 जुलाई को दर्ज कराई गई। जानकारों का कहना है कि इसी ढिलाई के कारण आरोपी को साक्ष्य मिटाने और नकदी ठिकाने लगाने का पूरा मौका मिल गया।

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इधर पुलिस की पूरी कहानी केवल सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और गवाहों के बयानों पर टिकी हुई है। पुलिस का दावा है कि फुटेज में आरोपी प्रमोद नौटियाल अलग-अलग समय पर मोबाइल के नीचे और जेबों में नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्के और केसर के पैकेट छिपाकर बाहर ले जाता दिख रहा है। हालांकि, कानूनी जानकारों के मुताबिक बिना ठोस रिकवरी के कोर्ट में इस केस को साबित करना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल होगा।

केस को मजबूत करने के लिए पुलिस ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 जून और 2 जुलाई की सीसीटीवी कैमरों की दो अहम डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, 22, 25, 29 जून और 2 जुलाई को मंदिर के चढ़ावे की गिनती हुई थी, जिसकी जांच के लिए इन डीवीआर का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।

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जांच पर्यवेक्षक और पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की तफ्तीश तेजी से चल रही है। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की कोशिश कर रही है, ताकि उससे कड़ी पूछताछ कर चोरी की गई नकदी और अन्य सामान बरामद किया जा सके।

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