वंदे मातरम अपमान पर सजा और MSME-आयकर पर नए बिल लाएगी सरकार, देखें पूरी लिस्ट

ख़बर शेयर करें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक पेश करने की तैयारी में है। लोकसभा सचिवालय द्वारा बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, इस सत्र में राष्ट्रीय सम्मान को मजबूत करने वाले कानूनों से लेकर देश की आर्थिक व्यवस्था को रफ्तार देने वाले कई अहम बिलों को पटल पर रखा जाएगा।

इस सत्र का सबसे बड़ा और संवेदनशील विधेयक राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के सम्मान से जुड़ा हुआ है। सरकार एक ऐसा कानून बनाने जा रही है, जिसके तहत वंदे मातरम का अपमान करने या इसके गायन में किसी भी प्रकार की बाधा डालने को कानूनन दंडनीय अपराध घोषित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें -  भारत में सेमीकंडक्टर मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ की मुहर, काशी को मिले दो एलिवेटेड हाईवे

इसके साथ ही, आम जनता से जुड़े प्रशासनिक नियमों को कड़ा करने की तैयारी भी है। इसके तहत जन्म और मृत्यु के देरी से होने वाले पंजीकरण की वर्तमान व्यवस्था को और अधिक सख्त तथा पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नया संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा।

आर्थिक मोर्चे और देश के उद्यमियों के लिए भी यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। केंद्र सरकार लोकसभा में ‘आयकर (संशोधन) विधेयक’ के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र से जुड़े कानून में बड़े सुधार की योजना बना रही है।

यह भी पढ़ें -  Global Energy Crisis: ईरान ने दी तेल-गैस सप्लाई ठप करने की धमकी, अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

सत्र में पेश होने वाले प्रमुख विधेयक और उनके उद्देश्य

संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश होने वाले इन प्रमुख विधेयकों का मुख्य उद्देश्य देश के आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे में बड़े सुधार करना है। इसके तहत MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए वर्ष 2006 के पुराने कानून को आधुनिक रूप देकर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और भरोसे पर आधारित नियमों को बढ़ावा दिया जाएगा।

वहीं FCRA संशोधन विधेयक, 2026 विदेशों से मिलने वाले चंदे व फंडिंग को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाएगा; साथ ही आयकर (संशोधन) विधेयक के माध्यम से टैक्स प्रणाली को बेहद सरल और सुलभ बनाकर करदाताओं को सीधे तौर पर बड़ी राहत देने की तैयारी है।

यह भी पढ़ें -  भारत में सेमीकंडक्टर मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ की मुहर, काशी को मिले दो एलिवेटेड हाईवे

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन में इन सभी विधेयकों को संसद के निचले सदन में प्राथमिकता के आधार पर पेश करने के लिए शामिल कर लिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सत्र में राष्ट्रवाद, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और विदेशी फंडिंग जैसे बड़े मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad