Badrinath चढ़ावा चोरी में बड़ा खुलासा, CCTV फुटेज में दिखे कई और चेहरे, पुलिस ने जब्त किया NVR

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देहरादून। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में चमोली पुलिस की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद यह साफ हो गया है कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का सस्पेंडेड कर्मचारी प्रमोद नौटियाल इस वारदात में अकेला नहीं था, बल्कि मंदिर के चढ़ावे पर हाथ साफ करने वाला एक पूरा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

सीओ चमोली मदन सिंह बिष्ट और निरीक्षक महादेव प्रसाद उनियाल की विशेष जांच टीम ने जब मंदिर के भीतर की वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाली, तो पता चला कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल सिर्फ दो जुलाई को ही नहीं, बल्कि इससे पहले जून महीने में 22, 25 और 28 जून को हुई दान गणना के दौरान भी लगातार चोरी कर रहा था।

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जांच में सबसे सनसनीखेज तथ्य यह सामने आया है कि जब दान राशि की गिनती हो रही थी, तब उस गणना कक्ष में प्रमोद के अलावा कुछ अन्य संदिग्ध चेहरे भी दिखाई दिए। फुटेज में ये अज्ञात लोग दानपात्रों से निकाला गया चढ़ावा अपनी जेबों में भरकर बड़ी चालाकी से बाहर निकलते हुए साफ नजर आ रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

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इस बड़े विवाद के बाद बदरीनाथ मंदिर के इतिहास में पहली बार दानपात्र कड़े सुरक्षा पहरे में खोले गए। बुधवार को मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ की सीधी मौजूदगी में और बड़ी संख्या में मुस्तैद कर्मचारियों के बीच, पूरी पारदर्शिता बरतते हुए चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

उधर, चमोली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुख्ता अदालती साक्ष्य जुटाने के लिए मंदिर परिसर का मुख्य नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर और अन्य तकनीकी उपकरण अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस इन डिजिटल सबूतों की मदद से फुटेज में दिख रहे नए संदिग्धों की शिनाख्त करने की कोशिश में जुटी है।

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस चोरी कांड में शामिल अज्ञात संदिग्धों की पहचान लगभग अंतिम चरण में है। डिजिटल और तकनीकी जांच रिपोर्ट सामने आते ही इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा, जिसके चलते आने वाले 24 से 48 घंटों के भीतर बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी केस में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होना तय माना जा रहा है।

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