Badrinath मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच शुरू; रक्षा कंपनी के 32 आधुनिक कैमरों से खुलेंगे राज

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देहरादून। बद्रीनाथ मंदिर के दान पात्र से चढ़ावे की गणना में हुई कथित हेराफेरी और चोरी के मामले में शासन ने अपना शिकंजा कस दिया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय हाई-लेवल जांच समिति ने मंगलवार से बद्रीनाथ धाम पहुंचकर अपनी पड़ताल शुरू कर दी है।

टीम ने मंदिर प्रशासन के वित्तीय रिकॉर्ड और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है। जांच समिति मंगलवार सुबह ठीक 10 बजकर 35 मिनट पर बद्रीनाथ धाम पहुंची।

टीम ने सबसे पहले भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए और फिर सीधे उस जगह का रुख किया जहां दान पात्र से पैसे निकालने और गिनने की प्रक्रिया होती है। अधिकारियों ने दान पात्र लाने की पूरी कमान और व्यवस्था का बेहद बारीकी से ऑन-स्पॉट मुआयना किया।

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नकदी की गिनती और बैंक कर्मियों की भूमिका पर संदेह

आयुक्त के निर्देश पर जांच टीम इस पूरे घालमेल में कई स्तरों पर पड़ताल कर रही है। मंदिर परिसर में रोजाना होने वाली नकदी की गिनती की प्रक्रिया। ड्यूटी पर तैनात रहने वाले मंदिर समिति के कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड, चढ़ावे के लेन-देन में शामिल बैंक कर्मियों की वास्तविक भूमिका की जांच।

जांच समिति के सदस्य संदीप तिवारी ने न्यूज़ रूम को बताया कि सभी उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत परीक्षण शुरू कर दिया गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता और मंदिर की आंतरिक व्यवस्था की जानकारी रखने वाले अन्य महत्वपूर्ण लोगों के बयान भी जल्द दर्ज किए जाएंगे। आपको बता दें कि चढ़ावे में हेराफेरी के मुख्य आरोपी और बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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निबे लिमिटेड के 32 आधुनिक कैमरों ने दी नई दिशा

इस हाई-प्रोफाइल चोरी की जांच में हाल ही में मंदिर में लगे आधुनिक कैमरों की फुटेज सबसे बड़ा हथियार बन गई है। जून 2026 में रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी ‘निबे लिमिटेड’ ने बद्री-केदार मंदिर समिति को 32 हाई-रिजोल्यूशन कैमरे दान किए थे।

इन अत्याधुनिक कैमरों में विशेष रूप से पैन-टिल्ट-जूम तकनीक शामिल है, जो चारों तरफ घूमकर दूर तक के दृश्यों को 360 डिग्री पर बिल्कुल साफ रिकॉर्ड कर सकती है। इन कैमरों ने 27 जून 2026 से ही मंदिर में काम करना शुरू किया था। इससे पहले पुराने कैमरों से काम चल रहा था, जिन्हें बदलने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठे थे।

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BKTC की सफाई और पुलिस की अलग कार्रवाई

कैमरों को लेकर मचे विवाद पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने न्यूज़ रूम को बताया कि पुराने कैमरों की सभी रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि नए कैमरों की उन्नत तकनीक और बेहतर रिजोल्यूशन के कारण ही चोरी की इस जांच प्रक्रिया को इतनी तेज गति मिल सकी है।

दूसरी तरफ, पुलिस तकनीकी दिक्कतों के कारण मंगलवार को फुटेज नहीं देख पाई, लेकिन उनकी आपराधिक जांच जारी है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने साफ किया है कि पुलिस अपनी क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन अलग से कर रही है, जबकि शासन की समिति अपनी स्वतंत्र जांच रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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