Uttarakhand: ले. जनरल गजेंद्र जोशी बने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष

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देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के हक में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का नया स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है।

उनके साथ ही डॉ. हेमचंद्र पांडे को आयोग में नए सदस्य के रूप में तैनाती दी गई है। मंगलवार को शासन स्तर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसका सीधा असर राज्य में लंबे समय से अटकी और आगामी सरकारी भर्तियों की रफ्तार पर पड़ेगा।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में स्थायी अध्यक्ष की कुर्सी जून 2023 से खाली चल रही थी, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। राज्य लोक सेवा आयोग के पास प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी परीक्षाओं को आयोजित करने की जिम्मेदारी है।

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पिछले कुछ समय से अध्यक्ष व सदस्यों की कमी के कारण समय पर भर्तियां निकालने और परीक्षाओं के आयोजन पर सीधा असर पड़ रहा था। कोरम पूरा न होने की वजह से आयोग प्रशासनिक स्तर पर कई नीतिगत और कड़े फैसले नहीं ले पा रहा था।

इस गंभीर प्रशासनिक संकट और युवाओं के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे को अमर उजाला ने 28 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मीडिया में मामला आने के बाद शासन स्तर पर रुकी हुई फाइल में तेजी आई और आयोग के अध्यक्ष व सदस्य पद पर नई नियुक्तियां कर दी गईं।

मंगलवार को आदेश जारी होने के साथ ही आयोग को करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद अपना नया स्थायी मुखिया मिल गया है। आयोग के नए अध्यक्ष ले. जनरल गजेंद्र जोशी (सेनि.) मूल रूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले के लतोली गांव के निवासी हैं।

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भारतीय सेना में लगभग 38 वर्षों से अधिक की विशिष्ट और अनुकरणीय सेवा देने के बाद वे इसी वर्ष 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेना में उनका एक बेहद गौरवशाली और बेदाग इतिहास रहा है, जिसके कारण उनकी इस पद पर नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।

ले. जनरल गजेंद्र जोशी ने सेना की प्रतिष्ठित स्ट्राइक-1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट के रूप में भी देश को अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं।

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अपने शानदार सैन्य करियर के दौरान उन्होंने श्रीलंका में ‘ऑपरेशन पवन’ और जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन रक्षक’ का अग्रिम मोर्चे पर सफल नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में कई जटिल आतंकवाद विरोधी अभियानों को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।

सैन्य क्षेत्र में उनके इसी उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित ‘परम विशिष्ट सेवा मेडल’ से नवाजा जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ और ‘सेना मेडल’ से भी विभूषित किया गया है।

अब उनके इस लंबे प्रशासनिक और कुशल नेतृत्व क्षमता के अनुभव का सीधा लाभ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को मिलेगा। नवनियुक्त अध्यक्ष के सामने अब राज्य में लंबित पड़ी परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से समय पर कराने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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