देहरादून। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर देहरादून स्थित भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ी मुहिम की शुरुआत हुई है। विभाग के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में निदेशालय परिसर में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मकसद राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर निदेशक राजपाल लेघा ने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रधानमंत्री के “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि धरती के प्रति हमारा फर्ज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।

हरेला पर्व की इस मुहिम को पूरे प्रदेश में फैलाने के लिए निदेशक ने राज्य के सभी जिला खान अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इस साल पूरे उत्तराखंड में लगभग 51,000 पौधे लगाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है।
देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इनमें संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार, रसायनज्ञ हेतराम, सहायक रसायनज्ञ शीशपाल, भू-रसायनज्ञ मदन किशोर बहुगुणा और जिला खान अधिकारी देहरादून ऐश्वर्य शाह प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रम में खान निरीक्षक काज़िम रज़ा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एच.डी चमोली और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों सहित पूरी टीम ने मिलकर खनिज भवन परिसर में पौधे रोपे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी पूरी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।

भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय ने इस मौके पर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को दोहराया। विभाग का कहना है कि वे भविष्य में भी उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को सीमित करने और पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगातार ऐसी जन-जागरूकता गतिविधियां चलाते रहेंगे।

