Dehradun: देहरादून की सड़कों पर ड्रोन की नजर, तुरंत भरे जाएंगे गड्ढे

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त और महफूज बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक बेहद आधुनिक कदम उठाया है। लोनिवि के मुख्य अभियंता दयानंद के मुताबिक, शहर की सड़कों पर बने गड्ढों की सटीक पहचान करने और उनकी तत्काल मरम्मत के लिए अब ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी, जिसके लिए एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है।

राजधानी में अलग-अलग विभागों द्वारा बार-बार होने वाली खुदाई और मानसूनी बारिश के चलते कई मुख्य मार्ग खस्ताहाल हो चुके हैं। सड़कों की इस बदहाली से आम जनता को रोजमर्रा के आवागमन में होने वाली भारी परेशानी को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग अब इस हाईटेक फार्मूले का सहारा ले रहा है।

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सड़कों को बेहतर मानकों पर संवारने के लिए लोनिवि पहली बार ‘परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटीनेंस कॉन्ट्रैक्ट’ लागू करने जा रहा है। इस नए सिस्टम के तहत सड़कों के निर्माण से लेकर उनके लंबे समय तक रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के नियम पूरी तरह बदल जाएंगे।

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पहले चरण में देहरादून शहर की करीब 40 व्यस्त और प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है।चयनित ठेकेदार अगले 4 से 5 साल तक इन सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। सड़कों में गड्ढे होने पर बार-बार प्रशासनिक मंजूरी, नए टेंडर या बजट का लंबा इंतजार नहीं करना होगा।

योजना के नियमों के मुताबिक, ठेकेदार के पास ड्रोन समेत सभी आधुनिक जांच उपकरण होने अनिवार्य होंगे। इन उपकरणों के जरिए हर सप्ताह सड़कों की डिजिटल और तकनीकी जांच की जाएगी। साप्ताहिक मॉनिटरिंग के दौरान सड़क का जो भी हिस्सा टूटा या क्षतिग्रस्त मिलेगा, ठेकेदार को उसे तत्काल प्रभाव से ठीक करना होगा।

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इस पूरी डिजिटल निगरानी और ठेकेदारों के काम की निष्पक्षता जांचने के लिए विभाग एक स्वतंत्र कंसलटेंट भी नियुक्त करेगा। मुख्य अभियंता दयानंद ने साफ किया है कि देहरादून में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह पायलट प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा और इसकी सफलता के बाद इसे राज्य के अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जाएगा।

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