Uttarakhand: सीमांत क्षेत्रों में नई सड़कें बनेंगी, पुरानी होंगी चौड़ी

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देहरादून। चीन सीमा से सटे उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में सामरिक सुरक्षा और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए रोड नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा। राज्य के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सीमांत इलाकों में नए मार्गों का निर्माण करने के साथ ही पुराने रणनीतिक रास्तों की चौड़ाई बढ़ाने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस बुनियादी ढांचे के विकास से भारतीय सुरक्षा बलों की आवाजाही सुगम होगी, वहीं स्थानीय निवासियों, सीमांत पर्यटन और वन विभाग को जैव विविधता की निगरानी में सीधा लाभ मिलेगा।

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प्रशासनिक मास्टरप्लान के मुताबिक चमोली जिले में ग्वालडुंगा से नीति तक और लपथल से दोबला तक नए मार्ग बनाने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही देश के अंतिम गांव से जुड़े रणनीतिक माणा मार्ग का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। इन सभी नई और पुरानी सड़क परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव शासन स्तर पर तेजी से प्रक्रियाधीन है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सभी मार्गों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय जोशीमठ-मलारी सड़क मार्ग का निर्माण कार्य जारी है, जबकि पिथौरागढ़ जिले में गुंजी से लिपुलेख तक के रणनीतिक मार्ग पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा उत्तरकाशी से गंगोत्री तक सड़क के चौड़ीकरण की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है।

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नंदा देवी नेशनल पार्क के डीएफओ अभिमन्यु के अनुसार, इन सभी संबंधित सड़क परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है। इसके साथ ही पर्यावरण संतुलन और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाइल्ड लाइफ मिटिगेशन प्लान भी तैयार किया जा रहा है। इससे विकास कार्यों के साथ-साथ संवेदनशील प्राकृतिक आवासों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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अधिकारियों के मुताबिक, सीमांत क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क बेहतर होने से सुरक्षा बलों की दुर्गम सीमाओं तक पहुंच आसान और त्वरित हो जाएगी। इसके अलावा, सड़कों के विस्तार से वन विभाग को भी अत्यंत दुर्गम और सुदूर क्षेत्रों में जैव विविधता की प्रभावी निगरानी और वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सहूलियत मिलेगी। साथ ही सीमावर्ती गावों में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

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