देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में सीधे रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम रंग लाने लगी है। इसी कड़ी में ‘अनाडुकी ग्लोबल करियर कंपनी लिमिटेड’ जापान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून स्थित सर्वे चौक के क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय और दून विश्वविद्यालय का दौरा कर युवाओं के प्रशिक्षण और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल में हिदेतारो उसुई, माई इकुता और मिहोको मात्सुमोतो शामिल रहे। इस प्रतिनिधिमंडल का यह महत्वपूर्ण दौरा उत्तराखंड और जापान के मध्य कौशल विकास, जापानी भाषा प्रशिक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय रोजगार सहयोग को एक नई ऊंचाई प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दौरे के दौरान जापानी प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा संचालित भाषा और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति देखी। दल ने उन संभावनाओं का गहराई से अध्ययन किया, जिनके माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं को जापान के कॉर्पोरेट और सेवा क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ के तहत जापानी भाषा सीख रहे अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को जापानी भाषा के सही उच्चारण, व्यावहारिक बातचीत, कॉर्पोरेट एथिक्स और वहां की कार्य संस्कृति के बारे में विस्तार से समझाया।
जापानी दल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जापान में आईटी, हॉस्पिटैलिटी, इंजीनियरिंग और केयरगिविंग जैसे क्षेत्रों में कुशल और जापानी भाषा जानने वाले युवाओं की भारी मांग है। उन्होंने कहा कि सही भाषा ज्ञान और प्रशिक्षण मिलने पर उत्तराखंड के युवा वहां एक सफल करियर बना सकते हैं।
इस अवसर पर सेवायोजन निदेशक नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना के तहत अभ्यर्थियों को भाषा शिक्षण के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति के अनुरूप ढाला जा रहा है।
इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय का दौरा कर जापानी भाषा विभाग के प्राध्यापकों व प्लेसमेंट सेल के साथ बैठक की। बैठक में सहमति बनी कि भविष्य में भी शैक्षणिक एवं कौशल विकास संबंधी सहयोग को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ जापानी संस्कृति और रहन-सहन को बेहतर ढंग से समझ सकें।
मुख्यमंत्री के अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि प्रदेश के युवा वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
इस कार्यक्रम के दौरान उपनिदेशक चंद्रकांता, नोडल अधिकारी विनीता बड़ोनी, लर्नेट स्किल्स के स्टेट हेड रमेश पेटवाल, दून विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका भाटिया और प्लेसमेंट प्रभारी डॉ. स्वाति बिष्ट सहित अन्य अधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे।

