उत्तराखंड चुनाव के लिए BJP का सबसे बड़ा दांव, सभी 70 सीटों पर उतारे ट्रेंड ‘विस्तारक’

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता की हैट्रिक लगाने के उद्देश्य से अपना सबसे बड़ा रणनीतिक दांव चल दिया है। पार्टी ने राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर 70 पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं यानी विस्तारकों को विशेष प्रशिक्षण देकर सीधे मैदान में उतार दिया है। 13 और 14 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण सत्र के बाद इन सभी कार्यकर्ताओं को उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। पार्टी के इस कदम से राज्य के चुनावी समीकरण और बूथ प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है।

भाजपा के इस विशेष ‘विस्तारक मॉडल’ के तहत चयनित कार्यकर्ता चुनाव संपन्न होने तक संबंधित विधानसभा क्षेत्र में ही स्थायी रूप से प्रवास करेंगे। इस व्यवस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके आनुषांगिक संगठनों से जुड़े युवाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इन कार्यकर्ताओं के कामकाज की सीधी निगरानी और मार्गदर्शन के लिए पार्टी ने बाकायदा विस्तारक प्रमुख और सह-विस्तारक प्रमुख नियुक्त किए हैं।

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मैदान में तैनात किए गए ये विस्तारक बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर पर संगठन की वास्तविक सक्रियता को परखेंगे। इनका मुख्य काम हर विधानसभा क्षेत्र का बारीक राजनीतिक ब्योरा और निष्पक्ष फीडबैक जुटाकर सीधे प्रदेश मुख्यालय को भेजना होगा। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और अंतर्कलह को शांत करना भी इनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

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विस्तारकों की जिम्मेदारी केवल चुनावी समीकरण जुटाने तक सीमित नहीं होगी। वे मौजूदा विधायक की जनता के बीच छवि, टिकट के संभावित दावेदारों की साख, विपक्ष की रणनीतिक स्थिति और स्थानीय असंतोष का गहरा आकलन करेंगे। साथ ही, क्षेत्रीय जनमुद्दों को चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार करना, बूथ प्रबंधन मजबूत करना और प्रदेश नेतृत्व व कार्यकर्ताओं के बीच सेतु का काम करना भी इन्हीं के कंधों पर रहेगा।

भाजपा इस ‘विस्तारक रणनीति’ को पूर्व में भी कई राज्यों में सफलतापूर्वक लागू कर चुकी है। वर्ष 2017 में पार्टी ने गुजरात के 48 हजार बूथों पर विस्तारक तैनात किए थे, जबकि इसी साल उत्तर प्रदेश में 2019 के लोकसभा चुनाव की पूर्व तैयारियों के तहत 75 जिलों की 92 संगठनात्मक इकाइयों में विस्तारक तंत्र तैयार किया गया था।

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उत्तराखंड के संदर्भ में देखें तो पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सभी 70 सीटों पर विस्तारक उतारे थे। वर्ष 2018 में अमित शाह ने खुद इन विस्तारकों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया था, और 2022 के चुनाव के बाद भी समीक्षा बैठकें हुई थीं। इस बार भाजपा ने नए सिरे से चयन, कड़े प्रशिक्षण और चुनाव तक प्रवास की इस पूरी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व पेशेवर बनाया है।