देहरादून। भाजपा में नितीन नबीन की नई टीम गठित होने के बाद उत्तराखंड में भाजपा संगठन और सरकार दोनो चुनावी मोड में आ गए हैं। आज देहरादून के प्रदेश भाजपा कार्यालय में हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी लोकसभा सदस्यों विधायकों और जिलाध्यक्षों की बैठक है। सीएम धामी समेत सरकार के सभी मंत्री और प्रदेश संगठन के बड़े पदाधिकारियों समेत तीनो जिलों के विधायक और जिलाध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं. दरअसल 2027 का चुनावी साल करीब है।
भाजपा संगठन और सरकार के इरादे उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने के हैं। ऐसे में हैट्रिक बनाने के लिए जरूरी टिप्स पर बैठक में मंथन होगा वहीं जिलाध्यक्षों से विधायकों के रिपोर्ट कार्ड पर चर्चा होगी और जिला स्तर से मिला फीडबैक पर रायशुमारी भी।
गौरतलब है कि आलाकामन पहले ही डिसाइड कर चुका है कि सिंटिग विधायक किसी मुगालते में न रहें कि पिछली जीत ही उनके टिकट का आधार बन जाएगा। इस बार आलाकमान हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहता है लिहाजा जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों की राय को भी तरजीह दी जा रही है। ताकि हैट्रिक बनाने की खातिर सही प्रत्याशियों का चयन हो सके। ऐसा करना भी जरूरी हो गया है।
दरअसल पिछले दिनो गढ़वाल संसदीय सीट के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में धामी सरकार के लोकनिर्माण और पर्यटन जैसे भारी भरकम मंत्रालय संभालने वाले मंत्री सतपाल महाराज को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।
बीरोंखाल के भाजपा कार्यकर्ता अपनी बात भाजपा प्रदेश कार्यालय में रख चुके हैं तो वहीं स्थानीय विधायक सतपाल महाराज अपने और कार्यकर्ताओं के बीच के रिश्ते को कभीखुशी कभी गम वाला करार दे चुके हैं महाराज का कहना है कि भाजपा एक पारिवार है और हर सदस्य को अपनी बात कहने का अधिकार है।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर बातचीत के रास्ते उनकी ओर से हमेशा खुले हैं। कुछ ऐसा ही हाल रुद्रप्रयाग में भी देखने को मिला जहां पार्टी कार्यकर्ता कमलेश उनियाल ने अपने इलाके की सड़क और पुल की दुर्दशा का जिक्र पार्टी और सरकार के फोरम में न रखने के बाजाए सीधा सोशल मीडिया के जरिए पीएमओ प्लेटफार्म पर रख दिया।
इसे विपक्ष ने जहां मसला बनाते हुए सरकार और पार्टी को घेरने की कोशिश की वहीं भाजपा आलाकमान ने गौरफरमाया है। माना जा रहा है कि आज की बैठक में ऐसे तमाम पहलुओं पर चर्चा होगी, हर उस झरोखे को बंद करने की कवायद की जाएगी जहां से विपक्ष न झांक सके।
ऐसे में कहा जा सकता है कि आज की बैठक बेहद अहम है बेशक इसे पार्टी स्तरपर औपचारिक संवाद बताया जाए लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में प्रत्याशियों का रिपोर्ट कार्ड तो खंगाला ही जाएगा वहीं पदाधिकारियों को कई नसीहतें भी दी जाएंगी ताकि पार्टी रीढ़ माने जाने वाला कार्यकर्ता नाराज न हो और जनता के बीच ऑल इज वेल का मैसेज सलीके से जा सके ताकि तीसरी बार भाजपा सरकार का मंत्र कामयाब हो सके।

