देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को प्रदेश के पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ‘पूर्व अग्निवीर पुनरोजगार सेल’ के गठन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान करेंगे। इस कदम से सेना में चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले जवानों के समायोजन और रोजगार का रास्ता साफ होगा।
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जिसने सेवा पूरी कर रिटायर हो रहे अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए इस तरह का विशेष मॉडल तैयार किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने पुनरोजगार सेल के गठन से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस विषय पर प्राथमिकता से कार्य पूरा कर लिया है और सेल के पूरे प्रारूप पर अंतिम सहमति बन गई है। स्वतंत्रता दिवस पर औपचारिक शुरुआत के बाद यह सेल पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी, जिससे प्रदेश के युवाओं को सेवा के बाद बेहतर भविष्य का भरोसा मिलेगा।
अग्निवीरों के विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सेल की कमान स्वयं अपने अधीन रखने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि अग्निवीरों के पहले बैच में उत्तराखंड के करीब 1,200 जवान दिसंबर और जनवरी महीने में अपनी चार साल की सेवा पूरी कर रिटायर होने जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने इन 1,200 जवानों के रोजगार के लिए पहले ही पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने 17 जुलाई को पूर्व अग्निवीरों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से एक समर्पित सेल गठित करने की घोषणा की थी, जिस पर अब अमल किया जा रहा है।
अग्निवीरों के लिए बन रही इस विशेष सेल में एक सेवानिवृत्त कर्नल, राज्य सरकार के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम शामिल होगी। यह टीम पूर्व जवानों की योग्यता, रुचि और सैन्य अनुभव के आधार पर उन्हें रोजगार के अवसर और सही दिशा प्रदान करेगी।
जो अग्निवीर व्यावसायिक पढ़ाई करके बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी करना चाहते हैं, उनके लिए व्यावसायिक शिक्षा के अवसर जुटाए जाएंगे। वहीं, निजी उद्यम या स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों को सरकार आर्थिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।

