Uttarakhand: 10 शहरों में नदियां होंगी साफ, ₹228 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड में नमामि गंगे योजना के दायरे से बाहर छूटे 10 प्रमुख शहरों की नदियों को अब पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए पेयजल निगम ने ₹228 करोड़ का विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसके तहत गंदे नालों और सीवरेज को नदियों में गिरने से रोका जाएगा।

इस योजना के तहत विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पर्वतीय और मैदानी इलाकों में गंदे नालों को टैप किया जाएगा। साथ ही, घरों से निकलने वाले सीवरेज को सुरक्षित तरीके से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।

यह भी पढ़ें -  कुंभ मेला 2027 और शिक्षकों के वेतन के लिए खुले सरकारी खजाने! CM धामी ने दी करोड़ों की वित्तीय मंजूरी

केंद्र सरकार के इस प्रोजेक्ट के तहत नमामि गंगे से वंचित शहरों में सीवर की गंदगी रोकने पर जोर दिया जा रहा है। पेयजल निगम ने इसका ₹228 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए नियोजन विभाग को भेज दिया है।

राज्य स्तरीय वित्त समिति से हरी झंडी मिलते ही इस योजना पर धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। छोटे और पहाड़ी शहरों में लगातार बढ़ती आबादी और सीवरेज के दबाव को देखते हुए इस योजना को प्राथमिकता दी जा रही है।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: संस्कृति लोक कॉलोनी में चल रहा था देह व्यापार का धंधा, मुख्य संचालिका समेत 4 गिरफ्तार

राज्य में जल स्रोतों को दूषित होने से बचाने के लिए पेयजल विभाग आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रहा है। इसी रणनीति के तहत जल निगम ने यह व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है।

प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही घरों से सीवरेज एकत्र कर प्लांट तक ले जाने के लिए नए वाहनों की खरीद भी की जाएगी। योजना के तहत नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होंगे और नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी। सीवेज पम्पिंग स्टेशनों के निर्माण के साथ खुले गंदे नालों को टैप कर सीधे ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा।

यह भी पढ़ें -  नई टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

स्वच्छ भारत मिशन के नए चरण के तहत तैयार इस प्रोजेक्ट पर पेयजल सचिव रणवीर सिंह चौहान ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और औपचारिक मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।