उत्तराखंड में ठंडे मौसम से UPCL को राहत: बिजली मांग घटी, कटौती खत्म

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उत्तराखंड में पिछले एक सप्ताह से बदले मौसम के मिजाज ने ऊर्जा निगम (UPCL) को बड़ी राहत दी है। अप्रैल के आखिरी दिनों में जहां भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग 5.5 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई थी और भारी कटौती करनी पड़ रही थी, वहीं अब तापमान गिरने और लगातार बारिश से यह मांग घटकर लगभग 4.4 करोड़ यूनिट पर आ गई है। मांग में करीब एक करोड़ यूनिट की इस बड़ी गिरावट ने न केवल घोषित बिजली कटौती को खत्म कर दिया है, बल्कि निगम के लिए आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाना भी आसान कर दिया है। वर्तमान में राज्य और केंद्रीय पूल के साथ-साथ बाजार से बिजली खरीदकर मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल रही है।

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भीषण संकट के बाद मिली राहत और कटौती का अंत

अप्रैल के अंतिम दिनों में यूपीसीएल के लिए बिजली आपूर्ति एक बड़ा सिरदर्द बन गई थी, क्योंकि उपलब्धता और मांग के बीच भारी अंतर था। उस दौरान स्टील इंडस्ट्री में आठ घंटे और आम उपभोक्ताओं के लिए दो से तीन घंटे की कटौती करनी पड़ रही थी, लेकिन मई की शुरुआत से हुए मौसम परिवर्तन ने स्थिति को पूरी तरह संभाल लिया है। बुधवार को मांग के सापेक्ष राज्य और केंद्रीय पूल से पर्याप्त बिजली मिली और शेष जरूरत को पावर बैंकिंग व बाजार से पूरा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में कहीं भी घोषित कटौती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

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भविष्य की चुनौती: जून में बढ़ सकती है यूपीसीएल की मुश्किलें

भले ही वर्तमान में मौसम ने राहत दी है, लेकिन यूपीसीएल के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानकारों का मानना है कि जैसे ही पारा चढ़ेगा और गर्मी बढ़ेगी, बिजली की मांग में फिर से तेज उछाल आएगा। आमतौर पर जून के महीने में उत्तराखंड में बिजली की मांग अपने चरम पर होती है और यह प्रतिदिन 6 करोड़ यूनिट तक पहुंच जाती है। निगम अभी से इस संभावित संकट को देखते हुए तैयारियों में जुट गया है ताकि गर्मी बढ़ने पर भी उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के बिजली उपलब्ध कराई जा सके।