उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ‘बुक बैंक’ स्थापित किए जाएं और पठन-पाठन को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल पुस्तकालयों की व्यवस्था की जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आसानी से ज्ञानवर्धक सामग्री उपलब्ध कराना और शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ना है। बैठक में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बुक बैंक से बचेगा करोड़ों का खर्च
मुख्य सचिव ने बुक बैंक की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्र अपनी पुरानी किताबें यहाँ वापस जमा कर सकेंगे, जिन्हें अगले सत्र में नए छात्रों को वितरित किया जाएगा। इससे न केवल हर साल हजारों नई किताबें छपवाने पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च की बचत होगी, बल्कि जो किताबें खराब हो गई हैं, उनके स्थान पर ही नई मांग के अनुसार छपाई की जाएगी। इसके साथ ही, स्कूलों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई हेतु एक स्थायी समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया है, ताकि छात्र-छात्राओं को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
डिजिटल पुस्तकालय के बुनियादी ढांचे का विकास
विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए डिजिटल पुस्तकालयों को एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे छात्रों को अधिक से अधिक पुस्तकों तक पहुंच मिलेगी और वे आधुनिक तरीके से ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने क्लस्टर विद्यालयों में कक्षाओं और छात्रावासों के अधूरे पड़े भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए नाबार्ड के माध्यम से फंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि धन की कमी के कारण विकास कार्य न रुकें और छात्रों को रहने व पढ़ने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा मिल सके।
शहर में भूमिगत बिजली लाइनों और सड़क खुदाई के कार्यों के लिए समयसीमा तय
शिक्षा के अलावा मुख्य सचिव ने देहरादून शहर में चल रहे बुनियादी ढांचे के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने पिटकुल को सख्त निर्देश दिए कि भूमिगत बिजली लाइनों के लिए सड़कों की खुदाई का काम जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। जनता को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे शहर की सड़कें एक साथ खोदने के बजाय कुछ चुनिंदा हिस्सों में अधिक मजदूर लगाकर काम को तेजी से निपटाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने और एक जगह का कार्य पूर्ण होने के बाद ही आगे की खुदाई की अनुमति देने का निर्देश दिया है, ताकि शहरवासियों को धूल और जाम से राहत मिल सके।

