रुद्रपुर के फाज़लपुर महरौला क्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘डिजिटल ग्लोबल वर्ल्ड स्कूल’ के मुख्य गेट को सील कर दिया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशों पर एडीएम पंकज उपाध्याय ने भारी पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुँचकर स्कूल द्वारा की गई अवैध घेराबंदी को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई स्कूल की आड़ में किए जा रहे अवैध निर्माण और भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों के बाद की गई है। प्रशासन की इस सख्ती ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और अब स्कूल के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
ना हक-ना नक्शा चल रहा था स्कूल भवन
जांच के दौरान प्रशासन को बेहद चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं, जिसमें यह सामने आया है कि जिस भूमि पर स्कूल भवन खड़ा है, उसका न तो कोई नक्शा पास है और न ही स्कूल प्रबंधन के पास भूमि के मालिकाना हक के स्पष्ट दस्तावेज हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल के मालिक ने सीलिंग की लगभग 400 वर्ग मीटर भूमि पर बिना किसी कानूनी स्वामित्व के चहारदीवारी बनाकर अवैध कब्जा किया हुआ था। इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए एडीएम ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर इस तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि तमाम कानूनी कमियों और दस्तावेजों के अभाव के बावजूद, शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में इस स्कूल को संचालन की मान्यता दे दी थी। विभाग की इस संदिग्ध कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए एडीएम पंकज उपाध्याय ने मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा को अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि स्कूल की मान्यता और भूमि के दस्तावेजों की तत्काल गहन जांच की जाए और इस मामले में शामिल उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

