देहरादून जिले में पिछले पांच वर्षों से लटकी भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना को आखिरकार वन विभाग से हरी झंडी मिल गई है। वन स्वीकृति मिलने के बाद अब इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है। वन विभाग ने इस परियोजना के दायरे में आने वाले 3,000 से अधिक पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद पेड़ों पर छपान का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
बड़कोट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गणेश उनियाल ने बताया कि यह सूची जल्द ही वन निगम को सौंप दी जाएगी, जिसके द्वारा पेड़ों के कटान का काम किया जाएगा। लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस 19 किलोमीटर लंबी सड़क में से एयरपोर्ट से भानियावाला के बीच के 4 किलोमीटर हिस्से को सिक्सलेन के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि बाकी हिस्सा फोरलेन होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के डीजीएम सौरभ भारद्वाज के अनुसार, यह मार्ग पहले लोक निर्माण विभाग के पास था, जिसे अब एनएचएआई को हस्तांतरित कर दिया गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। प्रस्तावित 30 मीटर चौड़े मार्ग में फोरलेन हिस्से में साढ़े सात-साढ़े सात मीटर की दो सड़कें और सिक्सलेन खंड में नौ-नौ मीटर चौड़ी दो सड़कें बनाई जाएंगी।
इस मार्ग का करीब 10 किलोमीटर का हिस्सा आरक्षित वन क्षेत्र से गुजरता है, जहां साल, सैन, कंजू, सागौन और रोहिणी जैसी कई संरक्षित प्रजातियों के पेड़ों का घना जंगल है। केंद्र सरकार के स्तर पर वर्षों से लंबित इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से अब क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी की राह आसान हो जाएगी।

