मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए नियमों का उल्लंघन कर बनाए जा रहे तीन निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया है. एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया के निर्देशों पर भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह सख्त कार्रवाई की गई है।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के तहत सबसे पहले लक्कड़घाट रोड स्थित श्रीराम रेजीडेंसी के पास निर्मल बाग क्षेत्र में अंकित रावत द्वारा बिना अनुमति कराए जा रहे एक व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया. इसके बाद, प्रवर्तन टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-10 में शशि कुमार गौड़ द्वारा किए जा रहे अनधिकृत निर्माण पर तालाबंदी की. तीसरी बड़ी कार्रवाई गुमानीवाला के नागराजा मंदिर क्षेत्र में हुई, जहाँ साहाब सिंह रमोला द्वारा बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के कराए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को मौके पर ही सील कर दिया गया।
सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, प्रमोद मेहरा, राजेंद्र बहुगुणा और स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है. एमडीडीए ने साफ चेतावनी दी है कि उत्तराखंड नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कानूनी व आर्थिक नुकसान से बचने के लिए निर्माण शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से अनुमति प्राप्त करें, क्योंकि सुनियोजित शहरी विकास के लिए यह बेहद जरूरी है।

