राज्य को केंद्र से मिली 113.90 करोड़ की इमदाद

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उत्तराखंड हिमालयी राज्य है। जंगल नदी धारे और झरनों वाला ये राज्य तरक्की और अनियोजित विकास की प्रसव पीड़ा भी झेल रहा है। कहीं सड़क बन रही हैं तो कही रेल लाइन बिछ रही हैं। तो कहीं बहुमंजिला व्यवसायिक और सरकारी इमारतें बन रही हैं। गांव पलायन की मार झेल रहे हैं ऐसे में जब गांवों में आबादी नहीं तो पशुपालन का कारोबार भी भीष्म पितामाह की तरह मृत्यु शय्या पर पड़ा है। लिहाजा ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौजूद पानी रोकने वाली चाल-खाल खत्म हो चुकी हैं।

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ऐसें बरसात का मौसम अब उत्तराखंड के लिए समृद्धी का‘बसगाल’बनकर नहीं आता बल्कि आफत का सबब बनकर टूटता है। आपदा की तस्वीर इतनी डरावनी हो जाती है कि कहीं भूस्खलन से गांव के गांव जमीदोज हो जाते हैं तो कहीं गांवों का शहरों से संपर्क टूट जाता है। दुनिया भर का जानमाल का नुकसान उत्तराखंड को झेलना पड़ता है।

बरसात के मौसम में उत्तराखंड राज्य मीडिया की सुर्खियां बना रहता है। राज्य की इस हालत से केंद्र सरकार भी वाकिफ है. लिहाजा डबल इंजन के दौर में उत्तराखंड को केंद्र सरकार से भरपूर प्यार मिल रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निवेदन पर केंद्र सरकार ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि की दूसरी किश्त जारी की है ताकि आपदा की आफत के वक्त तत्काल मरहम लगाया जा सके और ऐसे काम किए जा सकें कि बरसात राज्य का बाल बांका भी न कर सके। बहराहल सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र की मोदी सरकार कार शुक्रिया अदा किया है।

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दरअसल केंद्र सरकार ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड को 113.90 करोड़ की धनराशि जारी की है। सीएम धामी ने केंद्र की इस दरियादिली के लिए पीएम मोदी का हृदय से आभार प्रकट किया है। धामी ने कहा,”यह सहायता उत्तराखंड राज्य में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा राज्य की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करेगी।“