देहरादून/गदरपुर। उत्तराखंड की राजनीति में संदेश कई बार शब्दों से नहीं बल्कि तस्वीरों से दिए जाते हैं। शनिवार को गदरपुर से भी कुछ ऐसा ही संदेश निकलकर सामने आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडे एक साथ दिखाई दिए। दोनों नेताओं की मुलाकात और नाव पर साथ बैठकर किया गया निरीक्षण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उधम सिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। लेकिन इस दौरे की सबसे चर्चित तस्वीर वह रही, जिसमें मुख्यमंत्री धामी और विधायक अरविंद पांडे एक साथ नाव में सवार होकर स्थल का निरीक्षण करते नजर आए।
राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं मान रहे हैं। पिछले कुछ समय से अरविंद पांडे द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सरकारी तंत्र और कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री और विधायक की यह सहज और आत्मीय मुलाकात कई राजनीतिक संदेश अपने आप में समेटे हुए दिखाई दे रही है।
भाजपा के भीतर समय-समय पर नेताओं की नाराजगी, असहमति और क्षेत्रीय अपेक्षाओं की चर्चा होती रहती है। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल के दौरान जिस तरह संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधा है, वह उनकी राजनीतिक कार्यशैली की विशेषता मानी जाती है। यही कारण है कि पार्टी के भीतर अलग-अलग विचार रखने वाले नेता भी अंततः मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते नजर आते हैं।
गदरपुर की यह तस्वीर भी कुछ ऐसा ही संकेत देती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि भाजपा में संवाद के दरवाजे हमेशा खुले हैं और सरकार तथा संगठन एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। अरविंद पांडे की मौजूदगी और मुख्यमंत्री के साथ उनका सहज संवाद इस धारणा को और मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री धामी की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत उनकी संवाद शैली और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता मानी जाती है। यही वजह है कि आज वह केवल सरकार के मुखिया ही नहीं, बल्कि भाजपा के सर्वमान्य नेता के रूप में भी स्थापित होते दिखाई दे रहे हैं। संगठन के भीतर विभिन्न धड़ों और नेताओं के बीच समन्वय बनाने में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है।
गदरपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारियों का निरीक्षण किया, वहीं राजनीतिक तौर पर भी एक बड़ा संदेश देने का काम किया। नाव पर साथ बैठकर किया गया निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं का जायजा नहीं था, बल्कि यह तस्वीर उन तमाम चर्चाओं पर भी विराम लगाने वाली दिखाई दी, जिनमें पार्टी के भीतर मतभेद और नाराजगी की बातें कही जा रही थीं।
कुल मिलाकर गदरपुर से निकली तस्वीरों ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक पतवार फिलहाल मजबूत हाथों में है और भाजपा के भीतर “सब साथ, सब का विकास” और सब कर विश्वास का संदेश देने में वह एक बार फिर सफल नजर आए हैं।

