पिता सेना में थे सिपाही, बेटे ने IMA में जीता ‘स्वार्ड ऑफ ऑनर’, अफसर बन बढ़ाया बिहार का मान

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बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले विशाल कुमार ने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। एक बेहद साधारण सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले विशाल ने आईएमए की पासिंग आउट परेड में सर्वश्रेष्ठ कैडेट का गौरव हासिल करते हुए प्रतिष्ठित ‘स्वार्ड ऑफ ऑनर’ और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है।

यह सर्वोच्च सम्मान उनके कड़े अनुशासन, बेजोड़ नेतृत्व क्षमता और कठिन सैन्य प्रशिक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन का जीता-जागता प्रमाण है। विशाल की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके संघर्ष, अटूट मेहनत और दृढ़ निश्चय की एक लंबी कहानी है। सेना के प्रति उनका झुकाव बचपन से ही था, क्योंकि उनके पिता विनोद कुमार खुद भारतीय सेना की 4 बिहार रेजिमेंट से सिपाही के पद से सेवानिवृत्त हैं।

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घर में देशभक्ति और अनुशासन का माहौल पाकर बढ़े हुए विशाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मिलिट्री स्कूल चैल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में NDA की कठिन परीक्षा पास कर अपने सपनों को नई उड़ान दी। भले ही उनके पिता सिपाही रहे हों, लेकिन अपनी काबिलियत के दम पर विशाल अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य बने हैं जो भारतीय सेना में एक कमीशंड अधिकारी के रूप में शामिल हुए हैं।

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इस भावुक और गौरवपूर्ण क्षण पर उनकी माता अंजना सहित पूरे परिवार की आँखें खुशी से नम हैं। आईएमए के मुश्किल प्रशिक्षण को शीर्ष स्थान के साथ पार करने वाले विशाल कुमार की यह कहानी आज देश के उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद सेना में अधिकारी बनने का बड़ा सपना देखते हैं।

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