उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के आश्रम में आयोजित होने वाले वार्षिक कैंची मेले को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शनिवार से अगले चार दिनों तक भवाली से खैरना तक के पूरे मार्ग को ‘जीरो जोन’ घोषित कर दिया गया है।
इसका सीधा मतलब यह है कि आगामी 16 जून तक इस पूरे रूट पर आम वाहनों की सामान्य आवाजाही और प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा भवाली और खैरना दोनों तरफ से कैंची धाम तक विशेष यात्री वाहन की सुचारू व्यवस्था की गई है, जिससे लोग आसानी से मंदिर दर्शन के लिए पहुँच सकें।
इस महापर्व की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बीते शुक्रवार को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज परिसर में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई। कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के संयुक्त नेतृत्व में मेले की सुरक्षा में तैनात होने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण ब्रीफिंग ली गई।
इस बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जीरो जोन की अवधि के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसी भी अनधिकृत निजी या व्यावसायिक वाहन को इस प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करने दिया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

