शिक्षक संगठन ने दी जनगणना बहिष्कार की चेतावनी, कहा-मोबाइल-डेटा दो

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देहरादून में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन ने अपनी विभिन्न समस्याओं का समाधान न होने पर आगामी जनगणना कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि सरकार द्वारा शिक्षकों पर डिजिटल माध्यम से काम करने का दबाव तो बनाया जा रहा है, लेकिन इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य से पूरी तरह दूर रहेंगे।

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डिजिटल जनगणना और तकनीकी संसाधनों की कमी

संगठन के प्रदेश महामंत्री जगबीर खरोला और अध्यक्ष विनोद थापा ने बताया कि जनगणना कार्य के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों को अपने मोबाइल पर एक विशेष ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों का तर्क है कि इस प्रक्रिया के लिए उच्च क्षमता वाले स्मार्टफोन की जरूरत होती है, जो हर शिक्षक के पास नहीं है। पुराने या कम क्षमता वाले फोन पर ऐप चलाने में काफी तकनीकी परेशानियाँ आ रही हैं।

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शिक्षक संगठन की प्रमुख माँगें

शिक्षकों की मांग है कि यदि सरकार उन्हें डिजिटल जनगणना के कार्य में लगाना चाहती है, तो वह सभी संबंधित शिक्षकों को आधिकारिक तौर पर स्मार्टफोन और इंटरनेट डेटा की सुविधा उपलब्ध कराए। संगठन का मानना है कि शिक्षकों को उनके व्यक्तिगत फोन पर सरकारी काम करने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना मोबाइल और डेटा की उपलब्धता के वे किसी भी कीमत पर जनगणना की ड्यूटी नहीं करेंगे।

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